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Bihar Land Survey: बिहार में बेपटरी हो रहा भूमि सर्वे, बंदोबस्त अफसरों की खुली पोल- सर्वे ट्रेकर का 'यूजर-पासवर्ड' भी नहीं बता पा रहे

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Bihar land survey:  बिहार में भूमि सर्वे का कार्य शुरू किया गया है. राज्य सरकार आधी-अधूरी तैयारी के साथ जमीन सर्वेक्षण करने मैदान में उतरी है. लिहाजा रैयतों के साथ-साथ सर्वे कर्मियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सर्वे कार्यक्रम से पहले न तो बंदोबस्त पदाधिकारियों को पूर्ण ट्रेनिंग दी गई और न ही सर्वेक्षण से जुड़े कर्मियों को. आधी-अधूरी जानकारी जी का जंजाल बन रहा. लिहाजा सर्वेक्षण के दौरान कर्मियों को समझ में ही नहीं आ रहा कि क्या करना है. बिहार सर्वे ट्रेकर को लेकर भी बंदोबस्त पदाधिकारी अनजान बने हैं. राज्य स्तर पर हुई समीक्षा में यह बात खुलकर सामने आई है कि सूबे के अधिकांश बंदोबस्त पदाधिकारी नियमित रूप से बिहार सर्वे ट्रैक्टर का अवलोकन नहीं करते हैं. एक बंदोबस्त पदाधिकारी तो सर्वे ट्रेकर का यूजर-पासवर्ड भी नहीं बता पाए।  

निदेशक जे. प्रियदर्शिनी की समीक्षा में खुली पोल 

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जे. प्रियदर्शिनी ने 20 नवंबर को विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त के कार्यों की समीक्षा की थी. रिपोर्ट 30 सितंबर को जारी की गई. जिसमें पाया गया कि सर्वे का कार्य काफी धीमा है. निदेशक ने दूसरे चरण में शुरू किए गए 18 जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारी के कार्यों के प्रगति की समीक्षा की. जिसमें पाया गया कि सर्वे का कार्य पटरी से उतरते हुए दिख रहा है. समीक्षा में पाया गया कि गोपालगंज में सर्वेक्षण पूर्व गतिविधियों के विभिन्न प्रक्रमों की प्रगति सबसे कम है. जिला स्तरीय प्रगति की समीक्षा के दौरान सभी बंदोबस्त पदाधिकारी से सर्वे ट्रैक्टर के माध्यम से प्रगति की जानकारी ली गई.

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 बिहार सर्वे ट्रेकर का कोई मतलब नहीं..

निदेशक जे, प्रियदर्शिनी की समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश बंदोबस्त पदाधिकारी नियमित रूप से बिहार सर्वे ट्रेकर का अवलोकन नहीं करते हैं. न तो बिहार सर्वे ट्रेकर के माध्यम से प्रगति की समीक्षा की जाती है. बैठक में बंदोबस्त पदाधिकारी पूर्वी चंपारण द्वारा बिहार सर्वे ट्रेकर के यूजर आईडी और पासवर्ड को भी नहीं बताया गया.यानि स्पष्ट हो गया है कि बंदोबस्त पदाधिकारियों को बिहार सर्वे ट्रेकर से कोई मतलब नहीं है. इसके बाद निदेशक ने सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों से कहा कि सर्वे ट्रेकर का नियमित रूप से अवलोकन करें. सर्वे कार्य की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक स्तर पर करें . वही 18 जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों ने भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशक से कई बिंदुओं पर अपनी समस्या बताई, जिससे सर्वे का कार्य प्रभावित हो रहा है.