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Kidney Transplant in Patna: बिहार में हर पांचवां मरीज किडनी ट्रांसप्लांट के इंतजार में,अस्पताल मात्र छह, जानिए बचाव के उपाय

Kidney Transplant in Patna: बिहार में किडनी रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में रिपोर्टों के अनुसार, लगभग तीन लाख लोग किडनी ट्रांसप्लांट की प्रतीक्षा कर रहे हैं

Kidney Transplant in Patna
बिहार में हर पांचवां मरीज किडनी ट्रांसप्लांट के इंतजार में,- फोटो : Hiresh Kumar

Kidney Transplant in Patna: बिहार में किडनी रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में रिपोर्टों के अनुसार, लगभग तीन लाख लोग किडनी ट्रांसप्लांट की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि राज्य में केवल छह अस्पताल हैं जहां यह सुविधा उपलब्ध है। इस स्थिति ने स्वास्थ्य प्रणाली पर भारी दबाव डाला है और मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।

अस्पतालों की कमी: बिहार में सरकारी और निजी दोनों प्रकार के अस्पतालों की संख्या सीमित है जो किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल Sciences (IGIMS) जैसे कुछ प्रमुख संस्थानों पर निर्भरता बढ़ गई है। 

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किडनी ट्रांसप्लांट के लिए आवश्यक दाताओं की संख्या भी कम है। अधिकांश दान करने वाले रिश्तेदार होते हैं, और कई लोग दान करने से हिचकिचाते हैं।

निजी अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट की लागत बहुत अधिक होती है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह संभव नहीं हो पाता।

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लोगों में किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी भी एक महत्वपूर्ण कारण है। IGIMS के यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉक्टर रोहित उपाध्याय के अनुसार लोगों को किडनी स्वास्थ्य के महत्व और उसके रखरखाव के बारे में शिक्षित करना आवश्यक है। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और समुदाय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

IGIMS के यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉक्टर रोहित उपाध्याय के अनुसार  मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से बचने के लिए नियमित जांच और जीवनशैली में सुधार पर जोर देना चाहिए।डॉक्टर रोहित उपाध्याय के अनुसार अधिक नमक हृदय के साथ ही किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए अगर आप अपनी किडनी को हेल्दी बनाए रखना चाहते हैं, तो नमक का सेवन कम मात्रा में ही करें। आपको रोजाना 2300 मिलीग्राम से कम सोडियम लेना चाहिए। इससे अधिक सोडियम किडनी को डैमेज कर सकता है।स्वस्थ रहने के लिए वजन को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी होता है। मोटापा हृदय, लिवर और किडनी की बीमारियों का एक मुख्य कारण बन सकता है। इसलिए अपने किडनी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आपको अपने वजन को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी होता है। अपने वजन को कंट्रोल में रखने के लिए आप रेगुलर एक्सरसाइज करें। साथ ही हेल्दी डाइट लें। डॉक्टर रोहित उपाध्याय के अनुसार किडनी को डैमेज होने से बचाने के लिए आपको अच्छी नींद लेना भी बहुत जरूरी होता है। खुद को स्वस्थ रखने के लिए आपको रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। इससे आप शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से स्वस्थ रह सकते हैं।

IGIMS के यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉक्टर रोहित उपाध्याय के अनुसार अकसर लोगों को लगता है कि धूम्रपान सिर्फ फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। लेकिन आपको बता दें कि धूम्रपान करने से लिवर और किडनी भी डैमेज हो सकते हैं। अपने किडनी को डैमेज होने से बचाने के लिए आपको धूम्रपान से बचना चाहिए। साथ ही शराब का सेवन भी सीमित करना चाहिए।

IGIMS के यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर रोहित उपाध्याय के अनुसार  किडनी को हेल्दी बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बहुत जरूरी होता है। दरअसल, किडनी अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। किडनी पानी के साथ मूत्र के माध्यम से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। ऐसे में अगर आप पानी कम पिएंगे, तो इससे किडनी के डैमेज होने की संभावना बढ़ सकती है। वहीं, बहुत अधिक मात्रा में पानी पीने से भी बचना चाहिए। क्योंकि इससे किडनी में दबाव बढ़ सकता हैं।