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Parenting Tips: बच्चे की मोबाइल की लत से परेशान हैं? जानिए 5 असरदार तरीके जिससे कर सकते हैं कंट्रोल

आजकल बच्चों के हाथों में मोबाइल फोन ऐसे चिपकता है जैसे चीनी पर चींटियाँ चिपक जाती हैं। लेकिन यह आदत उनके स्वास्थ्य और दिमाग दोनों पर बुरा असर डाल रही है। जानिए वो टिप्स जिससे आप बच्चों की इस लत को कम कर सकते हैं।

Mobile Addiction

Parenting Tips : आजकल 2 साल के छोटे बच्चे को भी मोबाइल हाथ में लिए नजर आते हैं और जैसे ही उनसे फोन लिया जाता है वे रोना शुरू कर देते हैं। लगातार मोबाइल के इस्तेमाल से लोगों की आंखों पर बुरा असर पड़ता है और उनकी सोचने-समझने की क्षमता पर भी असर पड़ता है। समय तक स्क्रीन देखने के कारण वे लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहते हैं जिससे उनकी एक्टिविटी पर प्रभाव पड़ता है। कम उम्र में ही बच्चों में मोटापा, कम मोटापा, चिड़चिड़ापन और तनाव जैसी मिठास बढ़ती रहती है जिसका एक बड़ा कारण अधिक स्क्रीन टाइम है। माता-पिता अक्सर इस आदत के लिए बच्चों पर गुस्सा करते हैं या सिखाते हैं, लेकिन यह सही उपाय नहीं है। इसके बजाय बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने के लिए दूसरे तरीके अपनाएं। 

कैसे बदलें बच्चे के मोबाइल की लत

1.बच्चों को खेल-कूद सिखाएं: आजकल बच्चे ज्यादातर समय मोबाइल या टीवी के सामने बिताते हैं जिससे उनकी सक्रियता कम हो जाती है। इसके बजाय उन्हें दौड़ने, कूदने, साइक्लिस्ट पुस्तिका, किताबें पढ़ने, ड्रूइंग करने या संगीत सीखने के लिए प्रेरित करें। उन्हें बाहर ले जाएं या घर पर मज़ेदार खेल खेलें। खिलौने, पेजल्स और बोर्ड गेम्स भी आलाकमान हैं। जब एक्टिव एक्टिविस्ट और एसोसिएशन में मजा आया तो वे खुद ही स्क्रीन से दूर रह गए और खुश भी हो गए।

2.बच्चों की एक दिनचर्या: अगर बच्चे को पूरे दिन मोबाइल या टीवी देखने की छूट मिलती है, तो बच्चे को उसकी आदत बनानी पड़ती है। इसलिए उनके खाने, खेलने, पढ़ने और सोने की एक रूटीन पोस्ट के लिए। जब बच्चे को पता चलेगा कि स्क्रीन देखने का समय सीमित है, तो वे अधिकतर जिद नहीं करेंगे। इसके अलावा, स्क्रीन-फ्री एक्टिविटीज को फन फ्री, जैसे कहानी सुनाना, बागवानी करना या कोई नया गेम खेलना। धीरे-धीरे उनका ध्यान दूसरी जगह नीग्रो में लगा और वे स्क्रीन से दूर सीखेंगे।

3. अपने बच्चों के लिए अच्छा एक उदाहरण बनें : बच्चे वही करते हैं जो वे अपने माता-पिता (माता-पिता) को करते हुए देखते हैं। अगर आप खुद मोबाइल या टीवी में ज्यादा देर तक रुकेंगे, तो बच्चा भी दिखेगा ही। इसलिए, सबसे पहले अपने स्क्रीन टाइम को कम करें और अपने समय का सही उपयोग करें। बच्चों के साथ खेलें, अपनी बातें करें और उनके साथ पसंदीदा समय बर्बाद करें। जब वे अपना देखते हैं कि आप बिना मोबाइल या टीवी के भी आनंद ले सकते हैं, तो वे भी इसका आनंद लेंगे।

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4. स्क्रीन का उपयोग केवल सीखने के लिए करें: यदि बच्चे के लिए स्क्रीन देखना आवश्यक है, तो उसे केवल पढ़ने या सीखने के लिए उपयोग करें। कॉलेज वाले छोटे वीडियो, शैक्षिक ऐप्स या ऑनलाइन कक्षाओं को प्राथमिकता दें। इससे स्क्रीन सिर्फ टाइमपास का जरिया नहीं बनेगी, बल्कि बच्चे को कुछ नया सीखने में भी मदद मिलेगी। साथ ही, ये भी जरूरी है कि माता-पिता की निगरानी में बच्चा कैसा दिख रहा है। जब बच्चा स्क्रीन से कुछ अच्छा और नया सीखेगा, तो उसका ध्यान आकर्षित करने वाली चीज़ से दूर रहेगा।

5.बच्चों को स्क्रीन से हटाने के लिए नए विकल्प: अक्सर बच्चों को स्क्रीन से हटाने के कारण मोबाइल या टीवी देखना दिखाई देता है। ऐसे में उन्हें कुछ और करने के लिए प्रेरित करें। उन्हें ड्रूइंग, पेजल्स, किताबें पढ़ना या वास्तुशिल्प जैसे नीबू में रखे हुए स्थान। उन्हें बाहरी प्रदर्शन के लिए सदस्यों या दोस्तों के साथ सामूहिक खेलों को कहा जाता है। जब उनके पास करने के लिए मजेदार चीजें दिलचस्प होती हैं, तो वे खुद ही स्क्रीन से दूर हो जाते हैं।