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ट्रेन हादसा या 'खौफनाक संयोग'? जब-जब आते हैं जीएम, तब-तब बेपटरी होती है ट्रेन; मुर्गा महादेव स्टेशन पर मची चीख-पुकार!

चक्रधरपुर रेल मंडल के मुर्गा महादेव स्टेशन के पास मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे अप-डाउन दोनों लाइनें ठप हो गई हैं।

ट्रेन हादसा या 'खौफनाक संयोग'? जब-जब आते हैं जीएम, तब-तब बेप

Tatanagar - : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे मुर्गा महादेव स्टेशन के पास एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से नीचे उतर गए, जिसके कारण अप और डाउन दोनों रेल लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। घटना के बाद से ही रेल महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

जीएम का दौरा और 'हादसों का साया': इत्तेफाक या लचर व्यवस्था?

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रेल गलियारों में इस समय सबसे बड़ी चर्चा दुर्घटना से ज्यादा उस 'अजीब इत्तेफाक' की हो रही है, जो जीएम के दौरे से जुड़ा है। दरअसल, आज दक्षिण पूर्व रेलवे के जीएम अनिल कुमार मिश्रा टाटानगर में अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचे हुए हैं। जैसे ही वे मंडल के दौरे पर आए, इधर मुर्गा महादेव स्टेशन पर पटरी उखड़ गई। रेल कर्मियों के बीच यह चर्चा तेज है कि जब भी जीएम कोलकाता से इस मंडल के दौरे पर आते हैं, कोई न कोई बड़ा हादसा जरूर होता है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे 'हैरान करने वाले' हादसे

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यह पहली बार नहीं है जब जीएम के दौरे के दौरान ट्रेन बेपटरी हुई हो। इससे पहले भी राउरकेला और डांगुवापोसी में उनके दौरे के वक्त रेल हादसे हो चुके हैं। हद तो तब हो गई थी जब एक बार खुद जीएम का अपना सैलून (निजी कोच) ही पटरी से उतरकर हादसे का शिकार हो गया था। बार-बार दोहराई जा रही इन घटनाओं ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

युद्धस्तर पर राहत कार्य, दोनों लाइनें बाधित

हादसे की जानकारी मिलते ही चक्रधरपुर मंडल मुख्यालय और डांगुवापोसी से रिलीफ ट्रेन और अधिकारियों की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। बचाव और राहत दल घटनास्थल पर पहुंच चुका है और पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने का काम जारी है। फिलहाल इस रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों के पहिए थम गए हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रेल ट्रैक को बहाल करने की चुनौती

रेलवे के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ट्रैक का मुआयना कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा मानवीय भूल थी, तकनीकी खराबी या फिर ट्रैक के रखरखाव में कमी। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही ट्रैक को दुरुस्त कर परिचालन बहाल कर दिया जाएगा, लेकिन बार-बार होने वाले इन हादसों ने यात्रियों के मन में डर पैदा कर दिया है।