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Government Rule : स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के लिए जारी किया नया फरमान, ऐसा नहीं करने पर रद्द हो जाएगी मान्यता

Government Rule : अस्पतालों और निजी नर्सिंग होम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नया फरमान जारी किया है. जो संस्थान इस नियम को नहीं मानेंगे उनपर विभाग की ओर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी...पढ़िए आगे

Government Rule : स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के लिए ज
मानना होगा नियम - फोटो : ABHISHEK SUMAN

RANCHI : राज्य में स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए विभाग बेहद सख्त है और इसकी गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से कई प्रयास किए जा रहे हैं।

रद्द होगी मान्यता

इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को चेतावनी देते हुए कहा है कि झारखंड के चिकित्सकों और नर्सों का निबंधन नहीं कराने वाले अस्पताओं की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। 

जारी किए गए दिशा-निर्देश

इस संबंध में सिविल सर्जनों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे क्लिनिकल एस्टेब्लिसमेंट एक्ट को हर अस्पताल में सख्ती से लागू कराएं। निर्देश का पालन नहीं होने पर इस एक्ट के तहत अस्पतालों के हुए निबंधन का नवीकरण नहीं किया जाएगा।

अनिवार्य है निबंधन

दरअसल केंद्र की सरकार के द्वारा लागू आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत सभी निजी और सरकारी अस्पतालों के लिए हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री और हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री आयुष्मान भारत मिशन के पोर्टल पर अनिवार्य कर दी गई है। इसके अंतर्गत हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री के तहत अस्पतालों में प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देनी है। वहीं दूसरी तरफ हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री के तहत चिकित्सकों , नर्सों एवं अन्य पारा मेडिकल कर्मियों का निबंधन कराना है।

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सिविल सर्जनों को मिली जिम्मेवारी

विभाग ने राज्य के सभी निजी अस्पतालों को इसे गंभीरता से लेने कहा है। इस संबंध में सिविल सर्जनों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं, जिनकी मुख्य जिम्मेदारी क्लीनिकल एस्टैबलिशमेंट एक्ट को हर अस्पताल में लागू करवाना है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं और मानव संसाधन के पंजीकरण से ये भारत के डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र से जुड़ सकेंगे और राष्ट्रीय मंच पर उनकी लिस्टिंग हो सकेगी।

अभिषेक सुमन की रिपोर्ट