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Bihar School News: शिक्षा का मंदिर बना सियासत का अखाड़ा, प्लस टू स्कूल शिफ्टिंग के खिलाफ गांव में बगावत, छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकट

Bihar School News: उच्च माध्यमिक विद्यालय में उस वक्त हंगामाखेज मंजर देखने को मिला, जब प्लस टू हाई स्कूल को दूसरी जगह शिफ्ट करने के प्रस्ताव के खिलाफ सैकड़ों ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

Supaul School turns battleground village protests shift plan
बच्चों की पढ़ाई पर खतरा- फोटो : reporter

Bihar School News: उच्च माध्यमिक विद्यालय में उस वक्त हंगामाखेज मंजर देखने को मिला, जब प्लस टू हाई स्कूल को दूसरी जगह शिफ्ट करने के प्रस्ताव के खिलाफ सैकड़ों ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का गुस्सा इस कदर उफान पर था कि पूरा स्कूल परिसर नारेबाजी और नाराज़गी से गूंज उठा। ग्रामीणों ने साफ लहजे में कहा कि यह फैसला छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।सुपौल जिले के चकडुमरिया उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिफ्टिंग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

ग्रामीणों का दावा है कि यह विद्यालय करीब 40 वर्षों से शिक्षा का केंद्र रहा है और पिछले चार सालों से यहां प्लस टू की पढ़ाई भी बाखूबी चल रही है। ऐसे में अचानक इसे बसुआ स्थानांतरित करने की बात गले से नीचे नहीं उतर रही। लोगों का कहना है कि स्कूल में कमरों की कोई कमी नहीं है, बल्कि नए भवन का निर्माण भी जारी है, फिर भी इस तरह का प्रस्ताव निहायत हैरान करने वाला है।गांववालों ने यह भी कहा कि अगर प्लस टू की पढ़ाई यहां से हटा दी गई तो छात्रों को मैट्रिक के बाद करीब पांच किलोमीटर दूर सुपौल या अन्य जगहों पर जाना पड़ेगा। इससे खासकर गरीब तबके के बच्चों की पढ़ाई पर मंदी की मार पड़ेगी और ड्रॉपआउट बढ़ने का खतरा भी रहेगा।

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इस पूरे मामले में एक और दिलचस्प पहलू सामने आ रहा है स्कूल के अंदर चल रही आपसी सियासत। सूत्रों के मुताबिक, मीडिल और हाई स्कूल के शिक्षकों के बीच खींचतान और वर्चस्व की जंग चल रही है, जिसने शिक्षा के माहौल को सियासी अखाड़े में तब्दील कर दिया है। आरोप है कि इसी अंदरूनी खींचतान के चलते छात्रों का मुद्दा अब राजनीतिक मोहरा बनता जा रहा है।

वहीं, प्रधानाध्यापिका पिंकी कुमारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्कूल स्थानांतरण का कोई आधिकारिक आदेश नहीं है और यह फैसला उनके अधिकार क्षेत्र में भी नहीं आता। उन्होंने इशारों में कुछ शिक्षकों पर साजिश कर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। उधर, डीपीओ प्रवीण कुमार ने कहा कि उन्हें इस विरोध प्रदर्शन की जानकारी नहीं थी, लेकिन अब पूरे मामले की तहकीकात कर उचित कार्रवाई की जाएगी। कुल मिलाकर, यह मामला सिर्फ स्कूल शिफ्टिंग का नहीं, बल्कि शिक्षा, सियासत और लोगों के हक के टकराव का बन गया है जहां हर पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहा है, लेकिन असली सवाल अब भी कायम है: छात्रों का भविष्य आखिर किस दिशा में जाएगा?

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रिपोर्ट - विनय कुमार मिश्र