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Bihar Education News: बिहार में फर्जी डिग्रियों पर शिक्षा विभाग का बड़ा प्रहार, 13 और शिक्षक बर्खास्त, एक महीने में 155 पर गिरी गाज

Bihar Education News: शिक्षा विभाग ने फर्जी और अमान्य डिग्रियों के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए एक और कड़ा कदम उठाया है।

13 More Teachers Dismissed
13 शिक्षक बर्खास्त- फोटो : social Media

Bihar Education News:  शिक्षा विभाग ने फर्जी और अमान्य डिग्रियों के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए एक और कड़ा कदम उठाया है। रोहतास जिला शिक्षा पदाधिकारी की जांच में काराकाट प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत 13 शिक्षकों की शैक्षणिक डिग्रियां अमान्य पाई गई हैं। इसके बाद सभी संबंधित शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का निर्देश जारी कर दिया गया है। इस कार्रवाई से शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब इससे पहले भी 142 शिक्षकों को अमान्य डिग्रियों के आधार पर नौकरी करने के आरोप में सेवा से हटाया जा चुका है। यानी महज एक महीने के भीतर 155 शिक्षकों पर कार्रवाई हो चुकी है। शिक्षा विभाग इसे जिले में अब तक का सबसे बड़ा सत्यापन अभियान मान रहा है।

विभागीय जांच में सामने आया कि जिन शिक्षकों की डिग्रियां अमान्य घोषित की गई हैं, उनमें अधिकांश प्रमाणपत्र दूसरे राज्यों के विश्वविद्यालयों और संस्थानों से प्राप्त किए गए थे। नियोजन इकाइयों, विश्वविद्यालयों और संबंधित अभिलेखों के मिलान के बाद यह पाया गया कि कई डिग्रियां या तो मान्य नहीं थीं या फिर नियमानुसार स्वीकार्य नहीं थीं। इसके बाद विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का फैसला लिया।

पूरे मामले की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी, जब बिक्रमगंज निवासी एक व्यक्ति ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने दस्तावेजों का कई स्तरों पर सत्यापन कराया। प्रमाणपत्रों की जांच, संबंधित विश्वविद्यालयों से जानकारी और अभिलेखों के मिलान के बाद अब लगातार कार्रवाई की जा रही है।

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मदन राय ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों और नियोजन नियमों के अनुरूप पूरी प्रक्रिया अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले में विस्तृत जांच और सत्यापन के बाद ही डिग्रियों को अमान्य घोषित किया गया है। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की फर्जीवाड़े या नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि सत्यापन अभियान अभी जारी रहेगा। जिन शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच लंबित है, उनके दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। यदि आगे किसी अन्य शिक्षक की डिग्री या शैक्षणिक प्रमाणपत्र अमान्य पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी इसी तरह की सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। इससे पूरे जिले के शिक्षकों में बेचैनी और सतर्कता का माहौल बना हुआ है।