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Bihar School News: अब रविवार नहीं खुलेंगे निजी स्कूल, बच्चों की मौत के बाद प्रशासन का कड़ा कदम, मनमानी पर लगी रोक

Bihar School News: कोई भी विद्यालय रविवार या किसी सरकारी छुट्टी के दिन संचालित नहीं कर सकता। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और नियमित शिक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

Bihar School News
अब रविवार नहीं खुलेंगे निजी स्कूल- फोटो : social Media

Bihar School News: निजी विद्यालयों के संचालन को लेकर हाल ही में चिंता और बढ़ गई है। मकेर प्रखंड के एमएस पब्लिक स्कूल के वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से दो बच्चों की मौत ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शिक्षा विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर सभी की निगाहें हैं।

सूत्रों के अनुसार, एमएस पब्लिक स्कूल ने रविवार को अपनी मर्जी से स्कूल चालू रखा, जबकि सरकारी नियमों के अनुसार रविवार सभी स्कूलों के लिए अवकाश का दिन होता है। किसी भी निजी विद्यालय को इस नियम के विपरीत अवकाश बदलने का अधिकार नहीं है। इसके बावजूद, स्कूल संचालक अखिलेश राय ने रविवार को विद्यालय संचालित किया। प्रखंड के शिक्षा विभाग के अधिकारी इस स्थिति से अनभिज्ञ थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निजी स्कूलों की अनियमितताओं पर निगरानी की कमी है।

प्रखंड में अन्य निजी स्कूल भी अपनी सुविधानुसार अवकाश बदलते रहते हैं। कोई स्कूल सोमवार को छुट्टी देता है, कोई बुधवार या गुरुवार को। इससे अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने और पारिवारिक व्यवस्थाओं में असुविधा होती है। शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होता, जिससे इस स्थिति की गंभीरता और बढ़ जाती है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा, प्रियंका रानी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी विद्यालय रविवार या किसी सरकारी छुट्टी के दिन संचालित नहीं कर सकता। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और नियमित शिक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

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शिक्षा विभाग के पदाधिकारी ने कहा कि अवकाश संबंधी नियमों की अनदेखी बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा पर असर डालती है। विभाग अब प्रखंड स्तर पर स्कूल संचालन और अवकाश पालन की सख्त निगरानी करेगा। सभी निजी विद्यालयों के लिए सरकारी निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा।

अभिभावकों ने भी चिंता व्यक्त की है कि स्कूल प्रशासन की मनमर्जी उनके बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों को प्रभावित कर रही है। शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।