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Bihar Teacher News: स्कूलों में पढ़ाई पर असर बर्दाश्त नहीं! शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की छुट्टियों पर लगाम कसने का जारी किया कड़ा फ़रमान

Bihar Teacher News: सरकारी विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त करने और छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की अनावश्यक छुट्टियों पर अब सख्ती का पैग़ाम दे दिया है।

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स्कूलों में पढ़ाई पर असर बर्दाश्त नहीं- फोटो : meta

Bihar Teacher News: सरकारी विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त करने और छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की अनावश्यक छुट्टियों पर अब सख्ती का पैग़ाम दे दिया है। हाल के निरीक्षणों में कई विद्यालयों में एक ही दिन में आधे से ज़्यादा शिक्षकों को आकस्मिक अवकाश स्वीकृत पाए जाने के बाद डीईओ ने इसे सीधे-सीधे बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ बताया और सोमवार को जारी आदेश पत्र के माध्यम से शिक्षकों के अवकाश पर नए दिशा-निर्देश लागू कर दिए।

डीईओ ने स्पष्ट कहा कि यह रवैया न तो छात्रहित में है और न ही पाठ्यक्रम पूर्ण करने की दृष्टि से उचित। इसलिए अब बिना उचित कारण के छुट्टी लेना और बिना पूर्व स्वीकृति के विद्यालय से अनुपस्थित होना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगा।

आदेश के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक एक दिन में अधिकतम एक शिक्षक को ही आकस्मिक या विशेष अवकाश दे सकेंगे। वहीं मध्य और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में यह सीमा 10 प्रतिशत शिक्षकों तक निर्धारित की गई है। यदि किसी विशेष परिस्थिति में इससे अधिक अवकाश देने की ज़रूरत हो, तो प्रधानाध्यापक को पहले नियंत्री पदाधिकारी से अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

साथ ही बिना स्वीकृति के किसी भी प्रकार के अवकाश पर जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। आपात स्थितियों में शिक्षक फोन या व्हाट्सएप के माध्यम से तत्काल सक्षम अधिकारी को सूचित करेंगे, लेकिन औपचारिक आवेदन कम से कम एक दिन पहले देना अनिवार्य होगा।

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डीईओ के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि विशेष आकस्मिक अवकाश का प्रयोग एक माह में केवल दो लगातार दिनों तक ही किया जा सकता है। इसे अन्य छुट्टियों—जैसे रविवार, जनरल हॉलिडे या आकस्मिक अवकाश—के साथ मिलाकर अधिकतम 12 दिनों तक ही लिया जा सकेगा, जबकि स्थानीय निकाय के शिक्षकों के लिए यह सीमा 10 दिन तय की गई है।

शिक्षकों को एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 16 दिनों का आकस्मिक अवकाश ही मिलेगा। वर्ष के बीच में नियुक्त शिक्षकों को यह अवकाश उनकी सेवा अवधि के अनुपात में प्रति माह 1.33 दिन के आधार पर मिलेगा।

प्रधानाध्यापकों को सभी शिक्षकों की अलग-अलग अवकाश पंजी तैयार करने और नियमित अपडेट रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि आकस्मिक अवकाश को ग्रीष्मावकाश या लंबी त्योहारी छुट्टियों (जैसे दुर्गा पूजा, दीपावली, छठ) के साथ नहीं जोड़ा जा सकता।

डीईओ ने चेतावनी दी है कि यदि किसी विद्यालय में इस आदेश का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रधान शिक्षक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।

स्पष्ट है कि बांका शिक्षा विभाग अब पढ़ाई में किसी भी तरह की ढिलाई या शिक्षकों की मनमानी कतई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।