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Bihar Teacher transfer: बिहार में इस दिन से होगा शिक्षकों का ट्रांसफर, जानिए कब और कैसे करें ऑनलाइन आवेदन, अब आसान होगी तैनाती की प्रक्रिया

Bihar Teacher transfer:लंबे समय से स्थानांतरण की मांग कर रहे शिक्षकों को अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल से राहत मिलने वाली है।

Bihar Teacher transfer:
बिहार के शिक्षकों का ट्रांसफर 14 से 18 सितंबर तक- फोटो : Meta

Bihar Teacher transfer:बिहार सरकार अपने लाखों शिक्षकों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण सुविधा शुरू करने जा रही है। लंबे समय से स्थानांतरण की मांग कर रहे शिक्षकों को अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल से राहत मिलने वाली है। सरकार ने शिक्षा विभाग को अंतर-जिला स्थानांतरण  की व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत 5 सितंबर 2025 से एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू होगा, जिसके माध्यम से शिक्षक अपने स्थानांतरण हेतु आवेदन कर सकेंगे।

प्रदेश में इस समय लगभग 5.97 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से विशेष परिस्थितियों का हवाला देकर अब तक करीब 1.90 लाख शिक्षकों ने ऑनलाइन स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 98 हजार शिक्षकों का स्वैच्छिक स्थानांतरण और 32 हजार शिक्षकों का पारस्परिक स्थानांतरण किया जा चुका है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक अब भी स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन्हीं मांगों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने विभाग को नई सुविधा लागू करने का निर्देश दिया है।

शिक्षा विभाग के अनुसार, 5 सितंबर से 13 सितंबर 2025 तक शिक्षक पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। इस प्रक्रिया में प्रत्येक शिक्षक को अपनी तीन पसंदीदा जिलों का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद 14 से 18 सितंबर के बीच जिला आवंटन की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर से पूरी की जाएगी। जिला आवंटन के बाद शिक्षकों की अंतिम तैनाती का निर्णय संबंधित जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। यह समिति स्कूलों की रिक्तियों और छात्र-शिक्षक अनुपात को ध्यान में रखते हुए तैनाती सुनिश्चित करेगी।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह सुविधा उन शिक्षकों को उपलब्ध नहीं होगी, जो पहले ही पारस्परिक स्थानांतरण का लाभ ले चुके हैं। विभाग का स्पष्ट कहना है कि नई प्रक्रिया का लाभ केवल उन्हीं शिक्षकों को मिलेगा, जिनका स्थानांतरण अब तक नहीं हो पाया है।

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बता दें कि शिक्षकों का लंबे समय से यह प्रमुख मुद्दा रहा है कि स्थानांतरण में पारदर्शिता और सुविधा का अभाव है। नतीजतन, कई बार शिक्षकों को कठिन परिस्थितियों में दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं देनी पड़ती हैं। ऐसे में यह कदम न केवल शिक्षकों को राहत देगा बल्कि स्कूलों में संतुलित स्टाफिंग और बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था बिहार के शिक्षा तंत्र में एक नई पारदर्शिता और सुगमता लाएगी। बड़ी संख्या में शिक्षक अपने परिवार और व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुरूप जिलों का चयन कर पाएंगे, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

बहरहाल बिहार सरकार का यह कदम राज्य के शिक्षकों के लिए निश्चित रूप से एक ऐतिहासिक और राहतकारी पहल साबित होगा। आने वाले दिनों में इस पोर्टल की शुरुआत से शिक्षकों को न केवल स्थानांतरण में सहूलियत मिलेगी बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।