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नशे में गुरुजी, मर्यादा भूले, स्कूल बना मयखाना, मध्यान्ह भोजन के चावल और चार लाख का भी खेल, अब जेल की खा रहे हवा

Bihar Teacher News: सरकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार राम को ग्रामीणों ने नशे की हालत में रंगे हाथों पकड़वाया।

Bihar Teacher News
स्कूल बना मयखाना- फोटो : reporter

Bihar Teacher News: सरकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार राम को ग्रामीणों ने नशे की हालत में रंगे हाथों पकड़वाया। मामला सिर्फ शराबखोरी तक सीमित नहीं था  इसके पीछे शिक्षा व्यवस्था में गैरकानूनी लूट और हेराफेरी का पूरा ‘खेल’ छिपा मिला।खगड़िया ज़िले के बेलदौर थाना क्षेत्र के उदहा वासा गांव में  ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी। 

ग्रामीणों के मुताबिक, प्रधानाध्यापक साहब रोजाना दारू के नशे में विद्यालय आते हैं, बच्चों की पढ़ाई से ज़्यादा उन्हें बोतल की चिंता रहती है। गांव के लोग जब तंग आ गए तो उन्होंने टोल फ्री नंबर 112 पर फोन कर पुलिस को खबर दी। कुछ ही देर में पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और प्रधानाध्यापक को नशे में धुत हालत में गिरफ्तार कर लिया।

शिक्षा समिति के अध्यक्ष राहुल कुमार ने खुलासा किया कि यह वही मास्टर हैं जो केवल हाज़िरी लगाने आते हैं और फिर ‘मयखाने’ की ओर रुख कर लेते हैं। विद्यालय में पढ़ाई का नामोनिशान तक नहीं है। इतना ही नहीं, आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने मध्यान भोजन योजना का चावल तक गटक लिया  यानी बच्चों का निवाला भी नहीं छोड़ा। इस हेराफेरी से करीब चार लाख रुपये का गबन किया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि “मास्टर साहब का क्लासरूम नहीं, बल्कि गिलासरूम चलता है।” शराब पीना इनकी दिनचर्या बन चुकी है, जिससे विद्यालय की साख मिट्टी में मिल गई। जब शिक्षा समिति ने यह मामला प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनोहर कुमार को बताया, तो उन्होंने जांच की बात कही।

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थाना अध्यक्ष परशुराम सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा  “एक शराबी शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है, न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।” पुलिस की इस कार्रवाई से गांव में राहत की सांस है, लेकिन सवाल अब भी बड़ा है  जब बच्चों के भविष्य के पहरेदार ही बोतल के बंदी बन जाएं, तो शिक्षा का सूरज कैसे निकलेगा?

इस पूरी वारदात ने शिक्षा विभाग और प्रशासन दोनों की आंखें खोल दी हैं। गांव में अब चर्चा है - शराब के नशे में चूर मास्टर ने बच्चों का हक लूटा, अब कानून उसका हिसाब करेगा!

रिपोर्ट- अमित कुमार