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ACS एस. सिद्धार्थ से मिले जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा, शिक्षकों के ट्रांसफर पर दी बड़ी खुशखबरी, TRE3 की भी होगी रि-काउंसलिंग

शिक्षकों के ट्रांसफर सहित TRE3 की रि काउंसलिंग एवं टीचरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने शिक्षा विभाग के एसीएस एस. सिद्धार्थ से मुलाकात. उन्होंने एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी को भी आड़े हाथों लिया.

Abhishek Jha met S. Siddharth
Abhishek Jha met S. Siddharth- फोटो : news4nation

Bihar Teachers News: जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ से मुलाकात कर हाल में हुए पहली से पांचवी कक्षा तक के शिक्षकों के स्थानांतरण संबंधित मुद्दों पर बातचीत की. उन्होंने कहा कि हमने एसीएस एस. सिद्धार्थ को शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया। सिद्धार्थ ने बताया कि लगभग 80,000 से अधिक शिक्षकों का स्थानांतरण उनकी इच्छा से हो चुका है लेकिन कुछ शिक्षक ऐसे हैं जिनका पदस्थापन उसी स्कूल में रह गया है। 

इस कारण हुई परेशानी 

ऐसे शिक्षकों को लेकर एस सिद्धार्थ ने बताया कि जिन शिक्षकों को कहीं जाना था वहां तो वैकेंसी है लेकिन जिस जगह उनका मूल पदस्थापन है उस रिक्ति को भरने के लिए दूसरे शिक्षकों ने आवेदन नहीं दिया था। ऐसी स्थिति में लगभग 1000 से अधिक ऐसे स्कूल है जहां शिक्षकों की संख्या शून्य हो जाती और पठन-पाठन का काम ठप हो जाता। शिक्षा विभाग में तीन स्तंभ हैं, विद्यार्थी, स्कूल और शिक्षक। शिक्षा विभाग की चिंता अपने 2 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों और 6 लाख से अधिक शिक्षकों को लेकर है। 

TRE3 की होगी रि काउंसलिंग

ऐसे में यदि किसी भी स्कूल में शिक्षकों की उपलब्धता नहीं रहने के चलते स्कूल बंद होने की स्थिति उत्पन्न हो जाती  तो यह एक बड़ी समस्या के रूप में होता। शिक्षा विभाग की सबसे पहली प्राथमिकता है कि किसी भी कीमत पर बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हो। अभी उत्पन्न हुई समस्या के समाधान की दिशा में उन्होंने बताया कि जिन भी शिक्षकों को परेशानी है जहां तक संभव हो समाधान किया जाएगा । TRE3 से बहाल शिक्षकों की रि काउंसलिंग संपन्न हो जाएगी,  उनसे भी वैकेंसी को भरा जाएगा ताकि बाक़ी बची हुई महिला शिक्षिकाओं  का समाधान निकाला जा सके। उन्होंने अभिषेक झा को आश्वस्त किया की सरकार की हर पहल छात्रों के और शिक्षकों के भविष्य के  मद्देनजर है।

राजनीतिक रोटी सेंकने वालों से बचें 

अभिषेक झा ने कहा कि वे  भी अपने सभी शिक्षक साथियों से अपील करते हैं कि इतने दिनों तक आपने धैर्य रखा है। आपकी समस्याओं की गंभीरता को हम समझ सकते हैं। सरकार और विभाग पर भरोसा रखें। बहुत जल्द सकारात्मक परिणाम आएगा। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि किसी की परेशानी को कुछ लोग राजनीतिक अवसर में तब्दील करने में लगे हुए हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से विभाग की छवि को धूमिल करके गलत संदेश दे रहे हैं।  कुछ ऐसे अवसरवादी शिक्षक नेता है जिनके लिए यह जरूरी है कि हमारे शिक्षक साथी बेचैन रहे और उन्हें राजनीतिक रोटी सेकने का मौका मिले। 

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शिक्षकों में भ्रम फैला रहे एमएलसी 

अभिषेक झा ने एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी पर हमला बोलते हुए कहा कि तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जिनको मौका मिला है उनका दोहरा चरित्र सभी पहलुओं पर दिख रहा है। शिक्षक साथियों के बीच भ्रम फैलाते हैं। जिन 80,000 शिक्षकों का स्थानांतरण हो चुका है वे तो खुश हैं,  उनके लिए इन्होंने विभाग का धन्यवाद नहीं किया।  जिनका नहीं हुआ है उनको भड़काकर अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं। सरकार कोई भी फैसला किसी एमएलसी या निर्वाचित प्रतिनिधि के दबाव में नहीं बल्कि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कर रही है। इनको क्रेडिट लेने की बेचैनी है इसलिए हमारे शिक्षक साथियों को दिगभ्रमित कर रहे हैं। इनको बच्चों की शिक्षा से कोई मतलब नहीं है। शिक्षकों की झूठी बात करके ये शिक्षा विरोधी साबित हो रहे हैं।

ओछी राजनीति नहीं समाधान बताएं 

जदयू प्रवक्ता ने कहा कि शिक्षकों के नाम पर भ्रमित करने वाले यह बताएं कि कैसे ट्रांसफर के कारण बंद विद्यालय  में किस टीचर की पोस्टिंग की जाए? कैसे सब्जेक्ट टीचर के ट्रांसफ़र के बाद सब्जेक्ट की पढ़ाई बंद करनी पड़ रही है, समाधान बताएँ? उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि ये मेरे साथ विभाग चलें, अपर मुख्य सचिव से मिलें और जिन चुनौतियों का सामना विभाग कर रहा है उसका समाधान बताएं या फिर किसी की परेशानी पर ओछी राजनीति करना बंद करें।