LATEST NEWS

  • Tej Pratap Yadav Death Threat
  • तेजप्रताप यादव को दोपहर 3:11 बजे आया खौफनाक कॉल! वीडियो वायरल करने की धमकी से मचा हड़कंप, सरकार

  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल करने की दी धमकी
  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल

  • Fatuha Patna Liquor Raid
  • कानपुर से पटना पहुंची सवा करोड़ की शराब! खाद की बोरियों के नीचे छिपाकर लाई गई,उत्पाद विभाग का

  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने से जेल में था बंद
  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने

  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप किया बरामद, चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप

बिहार बोर्ड ने रचा इतिहास, एक साथ मिले 3 ISO सर्टिफिकेट, प्रधानमंत्री पुरस्कार के बाद BSEB की एक और उपलब्धि

लगातार सात साल सबसे पहले रिजल्ट और अब ISO सर्टिफिकेट के साथ बिहार बोर्ड की बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने ISO प्रमाणपत्र प्राप्त किए।

BSEB ISO certificates
BSEB ISO certificates - फोटो : news4nation

BSEB: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए तीन ISO प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं। इसके साथ ही बिहार बोर्ड ISO सर्टिफिकेशन हासिल करने वाला देश का पहला राज्य बोर्ड बन गया है। समिति को यह प्रमाणपत्र गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (Quality Management System), सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (Information Security Management System) और रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली (Record Management System) के लिए प्रदान किए गए हैं।


समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने बिहार बोर्ड की ओर से औपचारिक रूप से ये ISO प्रमाणपत्र प्राप्त किए। गौरतलब है कि इससे पहले भी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और नवाचारों के लिए आनन्द किशोर को प्रधानमंत्री पुरस्कार (Prime Minister’s Award for Excellence in Public Administration) से सम्मानित किया जा चुका है।

Diarch GO


आधुनिक तकनीक के माध्यम से किए गए परीक्षा सुधारों का ही परिणाम है कि बिहार बोर्ड बीते सात वर्षों से लगातार देश में सबसे पहले मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के परिणाम जारी कर रहा है। कार्यप्रणाली में सुधार, प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के चलते समिति को यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है।


ISO प्रमाणपत्र मिलने के पीछे रिकॉर्ड प्रबंधन, सूचना सुरक्षा और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है। समिति ने वर्ष 1983 से 2025 तक के मैट्रिक और इंटर के सभी रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया है। साथ ही बोर्ड को पेपरलेस बनाकर आईटी और कंप्यूटरीकरण के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। रिकॉर्ड रूम को सुदृढ़ किया गया है और ऑफलाइन रिकॉर्ड संधारण की व्यवस्था भी बेहतर बनाई गई है।

NSIT
Nsmch


इसके अलावा समिति के सभी कार्यों को पूरी तरह कंप्यूटरीकृत करने के लिए ERP (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग सिस्टम) लागू किया गया है। अकादमिक, वित्त, मानव संसाधन, विधि, सतर्कता, शिकायत निवारण और सामग्री प्रबंधन जैसे विभिन्न मॉड्यूल्स के जरिए कार्यों को तेज और पारदर्शी बनाया गया है। बिहार बोर्ड की यह उपलब्धि शिक्षा प्रशासन में सुधार और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।