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B.Ed D.El.Ed New Rule: B.Ed और D.El.Ed के लिए नए नियम जारी, अब एक साथ नहीं कर सकेंगे ये काम, लगी रोक

B.Ed D.El.Ed New Rule: राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) ने 2025 से लागू होने वाले बीएड (B.Ed) और डीएलएड (D.El.Ed) कोर्स के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत किए गए इन बदलावों का उद्देश्य आइए जानते हैं क्या है...

B.Ed D.El.Ed New Rule
B.Ed D.El.Ed New Rule- फोटो : social media

B.Ed D.El.Ed New Rule:  राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) ने शिक्षक प्रशिक्षण कोर्सों के लिए नए नियम जारी किए हैं। नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत जारी इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। अब छात्र एक समय में केवल एक ही शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स B.Ed या D.El.Ed कर सकेंगे। साथ ही 6 महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप और मान्यता प्राप्त संस्थानों से पढ़ाई को आवश्यक बना दिया गया है।

B.Ed D.El.Ed के लिए नए नियम लागू

नए नियम के अनुसार अब छात्र एक समय में केवल एक ही शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स कर सकेंगे। साथ ही दोनों कोर्स में 6 महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप का प्रावधान जोड़ा गया है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह इंटर्नशिप केवल NCTE से मान्यता प्राप्त स्कूलों में ही की जा सकेगी। दरअसल, पहले कई अभ्यर्थी समय बचाने के लिए बीएड और डीएलएड दोनों को एक साथ पूरा करने की कोशिश करते थे। परिषद ने इसे शिक्षा की गुणवत्ता के लिए हानिकारक बताते हुए अब इस पर रोक लगा दी है। हर छात्र को अब केवल एक ही कोर्स चुनना होगा और उसी में प्रशिक्षण लेना होगा।

दोहरी डिग्री पर लगी रोक

पहले कई छात्र समय बचाने के लिए एक साथ बीएड और डीएलएड दोनों कोर्स करते थे। जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे थे। अब NCTE ने इस पर रोक लगाते हुए कहा है कि हर छात्र को केवल एक ही कोर्स चुनना होगा और उसी पर फोकस करना होगा। केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों से की गई पढ़ाई ही वैध मानी जाएगी। NCTE ने साफ किया है कि गैर-मान्यता प्राप्त या फर्जी संस्थानों से ली गई डिग्री अवैध मानी जाएगी और उसे रद्द किया जा सकता है।

फर्जी संस्थानों पर सख्त कार्रवाई

परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों से की गई पढ़ाई को ही वैध माना जाएगा। फर्जी या गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों से ली गई डिग्रियों को निरस्त कर दिया जाएगा। छात्रों को किसी भी संस्थान में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।

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ऑनलाइन पढ़ाई पर नई शर्तें

NCTE ने कहा है कि अब पूरा बीएड या डीएलएड कोर्स ऑनलाइन नहीं किया जा सकेगा। केवल थ्योरी से जुड़े कुछ मॉड्यूल ही ऑनलाइन होंगे जबकि प्रैक्टिकल और प्रशिक्षण के लिए छात्रों की संस्थान में उपस्थिति जरूरी होगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम शिक्षक शिक्षा में गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नई व्यवस्था से शिक्षक प्रशिक्षण अधिक व्यावहारिक और प्रभावी होगा। इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को वास्तविक कक्षा अनुभव मिलेगा, जिससे भविष्य में बेहतर शिक्षक तैयार होंगे।