Ganga Dussehra: गंगा दशहरा पर आस्था का सैलाब, घाटों पर उमड़ा जनसैलाब, हर-हर गंगे से गूंजा पूरा तट, राजा भगीरथ की तपस्या का दिन! गंगा अवतरण की कथा से जुड़ी सनातन आस्था
Ganga Dussehra: सुबह की पहली किरण के साथ ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां हर ओर केवल भक्ति, मंत्रोच्चार और आस्था का वातावरण नजर आया।...

Ganga Dussehra: आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा के पावन महापर्व गंगा दशहरा पर बिहार के मुंगेर में भक्ति का अद्भुत और दिव्य संगम देखने को मिला। सुबह की पहली किरण के साथ ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां हर ओर केवल भक्ति, मंत्रोच्चार और आस्था का वातावरण नजर आया।मुंगेर के बबुआ घाट, सोझी घाट और कष्टहरणी घाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और मां गंगा में पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित किया। घाटों पर हर-हर गंगे और जय मां गंगे के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मान्यता है कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन मां गंगा में स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन दिन राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए कठोर तपस्या कर मां गंगा को पृथ्वी पर अवतरित कराया था। तभी से यह दिन सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है।
मुंगेर स्थित कष्टहरणी घाट पर विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई, जहां लोगों ने गंगा स्नान के बाद मंदिरों में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। घाटों पर गोताखोरों की टीम, पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात की गई थीं, जो लगातार निगरानी करती रहीं।
स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए थे, ताकि स्नान और पूजा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।इस पावन अवसर पर पूरा मुंगेर भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया, जहां हर चेहरा श्रद्धा से भरा हुआ था और हर कदम मां गंगा की ओर बढ़ता दिखाई दिया।
रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान















