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पति से करती हैं प्यार तो सावन में हरी चूड़ियां पहनकर जरुर करें यह काम, जानिए धार्मिक मान्यता और जरूरी नियम

सावन में हरी चूड़ियां धारण करते समय कुछ धार्मिक नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है। इस वर्ष 30 जुलाई से सावन शुरू हो रहा है, ऐसे में सावन शुरू होते ही जरुर से हरी चूड़ियाँ पहनकर इसका पूर्ण लाभ लेना चाहिए.

Green Bangles During Sawan
Green Bangles During Sawan - फोटो : news4nation

Sawan 2026 : भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित सावन का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने में शिव भक्ति, व्रत, पूजा और श्रृंगार का विशेष महत्व होता है। खासकर विवाहित महिलाओं के लिए सावन का महीना सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि इस दौरान हरे रंग के वस्त्र और विशेष रूप से हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। सावन में हरी चूड़ियां धारण करना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और शुभता का प्रतीक है। मान्यता है कि इस महीने माता पार्वती की पूजा के साथ हरी चूड़ियां पहनने से दांपत्य जीवन में प्रेम बना रहता है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।

क्यों खास हैं हरी चूड़ियां?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में चारों ओर हरियाली छा जाती है, इसलिए हरे रंग को प्रकृति, समृद्धि और नए जीवन का प्रतीक माना जाता है। भारतीय संस्कृति में चूड़ियां केवल आभूषण नहीं, बल्कि विवाहित महिलाओं के सौभाग्य और मंगल का प्रतीक मानी जाती हैं। ऐसे में सावन के दौरान हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा प्रकृति और नारी श्रृंगार के उत्सव से भी जुड़ी हुई है।

माता पार्वती को प्रिय है हरा रंग

मान्यता है कि माता पार्वती को हरा रंग अत्यंत प्रिय है। इसलिए सावन में हरे रंग की चूड़ियां पहनकर उनकी पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। धार्मिक दृष्टि से हरे रंग को शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। साथ ही यह रंग मानसिक शांति प्रदान करने और तनाव कम करने वाला भी माना जाता है।

हरी चूड़ियां पहनते समय रखें इन बातों का ध्यान

सावन में हरी चूड़ियां धारण करते समय कुछ धार्मिक नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है। सावन शुरू होने के बाद सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनने के बाद ही हरी चूड़ियां धारण करें। चूड़ियां पहनते समय भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण करते हुए परिवार की सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की मंगलकामना करें। 

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ध्यान रखें कि कोई भी चूड़ी टूटी हुई न हो, क्योंकि टूटी चूड़ियां पहनना शुभ नहीं माना जाता। अलग-अलग क्षेत्रों में सावन से जुड़ी परंपराएं अलग हो सकती हैं, इसलिए अपने परिवार और कुल परंपरा के अनुसार ही रीति-रिवाजों का पालन करना उचित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना शिव-पार्वती की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर होता है। ऐसे में श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा-पाठ, व्रत और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करने को शुभ माना जाता है।