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Bihar Ekadash Rudra: मंगरौनी का एकादश रुद्र पीठ, पढ़िए ११ अलौकिक शिवलिंगों के रहस्यमयी धाम की गाथा

Bihar Ekadash Rudra: एकादश रुद्र महादेव मंदिर संपूर्ण आर्यावर्त में अपनी अद्वितीय तांत्रिक संरचना एवं आध्यात्मिक महिमा हेतु विख्यात है।...

Madhubani Ekadash Rudra
एकादश रुद्र पीठ- फोटो : Hiresh Kumar

Bihar Ekadash Rudra: बिहार के मधुबनी जिला अंतर्गत राजनगर प्रखंड के मंगरौनी ग्राम में अवस्थित एकादश रुद्र महादेव मंदिर संपूर्ण आर्यावर्त में अपनी अद्वितीय तांत्रिक संरचना एवं आध्यात्मिक महिमा हेतु विख्यात है। यह सम्पूर्ण बिहार राज्य का एकमात्र ऐसा अलौकिक देवालय है, जहाँ एक ही प्रांगण में देवाधिदेव महादेव के ११ दिव्य स्वरूप एकादश रुद्र के रूप में प्रतिष्ठित हैं। वर्ष १९५३ में तंत्र शिरोमणि श्री मुनेश्वर झा द्वारा पूर्ण तांत्रिक विधि-विधान एवं अनुष्ठान के माध्यम से शक्ति वेदी पर इन दिव्य प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न की गई थी।

एकादश स्वरूप एवं कृष्ण प्रस्तर संरचना

इस पवित्र पीठ में भगवान शिव के जिन ११ स्वरूपों की अर्चना होती है, वे क्रमशः महादेव, शिव, रुद्र, शंकर, नीललोहित, ईशान, विजय, भीम, देवदेव, भवोद्भव एवं कपालिश हैं। ये समस्त शिवलिंग अति दुर्लभ एवं कृष्ण प्रस्तर से निर्मित हैं। काल चक्र के व्यतीत होने के उपरांत भी इन शिवलिंगों की नैसर्गिक आभा, चिकनाहट एवं कांति पूर्ववत अक्षुण्ण है। स्थानीय श्रद्धालुओं एवं साधकों के मतानुसार, विगत वर्षों में इन शिवलिंगों के भौतिक स्वरूप में आश्चर्यजनक एवं अतीन्द्रिय परिवर्तन परिलक्षित हुए हैं, जो किसी अलौकिक ऊर्जा की उपस्थिति का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।

महामुनियों का समागम एवं अगाध जनआस्था

इस सिद्ध पीठ का आध्यात्मिक प्रभाव केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं है, अपितु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित है। कांची कामकोटि पीठ के पूज्य शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती एवं जगन्नाथ पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज जैसी देदीप्यमान विभूतियाँ यहाँ आकर अपनी दिव्यांजलि अर्पित कर चुकी हैं। बाबा आत्माराम जी के कुशल संरक्षण में विगत कई दशकों से यहाँ नित्य अहोरात्र वैदिक मंतोच्चार एवं तांत्रिक अनुष्ठान निर्बाध रूप से संचालित होते आ रहे हैं।

धार्मिक अनुष्ठान एवं गम्यता

श्रावण मास  के पावन पर्व पर यहाँ अलौकिक भक्ति की सरिता प्रवाहित होती है। श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को एकादश रुद्रों का भव्य महाश्रृंगार अनुष्ठान आयोजित किया जाता है, जिसमें सम्मिलित होने हेतु बिहार, देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों से भी अपार जनसमूह उमड़ता है। मान्यता है कि इस शक्ति वेदी की परिक्रमा करने से साध्य एवं असाध्य मनौतियाँ तत्काल पूर्ण होती हैं।

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यह पवित्र स्थल मधुबनी जिला मुख्यालय से मात्र ७ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सुगम मार्ग यातायात प्रणाली के कारण श्रद्धालु अत्यंत सुगमता पूर्वक इस सिद्ध पीठ तक पहुँचकर एकादश रुद्र के दर्शन एवं कृपा प्राप्त कर सकते हैं। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, अपितु प्राचीन तांत्रिक परंपरा और स्थापत्य कला का एक अद्भुत संगम भी है।ओम् नम: शिवाय