Today Panchang: आज का पंचांग 27 मई 2026! पद्मिनी/कमला एकादशी का शुभ मुहूर्त, जानें पूजा-पाठ का सही समय

Today Panchang: जानिए 27 मई 2026 का पंचांग, राहुकाल, नक्षत्र, शुभ-अशुभ समय और पद्मिनी एकादशी का महत्व।

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27 मई 2026 का पंचांग- फोटो : freepik

Today Panchang: आज 27 मई 2026, बुधवार का दिन है। धार्मिक और ज्योतिष के हिसाब से आज का दिन खास माना जा रहा है। आज एकादशी तिथि सुबह तक रहेगी और उसके बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी। चंद्रमा भी आज राशि परिवर्तन करेंगे। सुबह तक चंद्रमा कन्या राशि में रहेंगे और शाम के बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे। आज राहुकाल, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।

आज सूर्य उत्तरायण में हैं और वसंत ऋतु चल रही है। पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि सुबह 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी। हस्त नक्षत्र सुबह 5 बजकर 56 मिनट तक रहेगा और फिर चित्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। व्यतीपात योग अगले दिन यानी 28 मई की सुबह 3 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। इसके बाद वरीयान योग शुरू होगा। विष्टि यानी भद्रा करण सुबह 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगा और फिर बव करण लग जाएगा।

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अशुभ समय कब रहेगा?

आज चंद्रमा शाम 7 बजे तक कन्या राशि में रहेंगे। इसके बाद चंद्रमा तुला राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिष मान्यता के अनुसार चंद्रमा का यह बदलाव लोगों के विचारों और भावनाओं पर असर डालता है। अगर आज के अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस समय को नया काम शुरू करने के लिए अच्छा नहीं माना जाता। गुलिक काल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। वहीं यमगंड सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इन समयों में शुभ काम करने से बचना चाहिए।

हस्त नक्षत्र को अच्छा और रचनात्मक नक्षत्र माना जाता है

आज सुबह तक हस्त नक्षत्र रहेगा। हस्त नक्षत्र को अच्छा और रचनात्मक नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग समझदार, मेहनती और कला प्रेमी माने जाते हैं। इन लोगों में काम को अच्छे तरीके से करने की क्षमता होती है। इसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू होगा। चित्रा नक्षत्र को सुंदरता, नई सोच और रचनात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। आज पद्मिनी एकादशी का भी विशेष महत्व है। अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास में आने वाली शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से कई गुना ज्यादा पुण्य मिलता है। यह व्रत मन की शांति और आत्मिक शुद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

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भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाना शुभ

पद्मिनी एकादशी तिथि 26 मई को सुबह 5 बजकर 10 मिनट से शुरू हुई थी और 27 मई को सुबह 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। व्रत का पारण 28 मई को सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 7 बजकर 56 मिनट तक किया जाएगा। आज के दिन भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाना शुभ माना गया है। तुलसी के पत्ते चढ़ाने से भी अच्छा फल मिलता है। बुधवार होने के कारण हरी मूंग की दाल का दान करना और गाय को हरा चारा खिलाना भी शुभ माना गया है। ऐसा करने से जीवन में सुख और सकारात्मकता आने की मान्यता है।