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रोबोटिक डॉग विवाद: गलगोटिया यूनिवर्सिटी के बाहर छात्रों का हल्लाबोल, मान्यता रद्द करने की मांग

दिल्ली एआई समिट में रोबोटिक डॉग से जुड़ा विवाद अब तूल पकड़ चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की तकनीकी साख को पहुंचे नुकसान का हवाला देते हुए समाजवादी छात्र सभा ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

रोबोटिक डॉग विवाद: गलगोटिया यूनिवर्सिटी के बाहर छात्रों का ह

Noida - दिल्ली में आयोजित एआई समिट (AI Summit) के दौरान रोबोटिक डॉग से जुड़ा विवाद अब थमता नजर नहीं आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले की चर्चा होने के बाद, बुधवार को समाजवादी छात्र सभा के पदाधिकारियों ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी के परिसर के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस घटना ने न केवल शैक्षणिक जगत, बल्कि वैश्विक मंच पर देश की साख को भी प्रभावित किया है। 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नुकसान का आरोप

धरना दे रहे छात्र नेताओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संस्थान की लापरवाही की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की तकनीकी छवि और विश्वसनीयता को गहरा धक्का लगा है। छात्र सभा के पदाधिकारियों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण ने विदेशी निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच देश की साख को संदिग्ध बना दिया है, जिसके लिए यूनिवर्सिटी सीधे तौर पर जिम्मेदार है। 

यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द करने और गिरफ्तारी की मांग

प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठन ने प्रशासन के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखीं। उनकी मुख्य मांगों में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करना और इस प्रकरण में शामिल दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजना शामिल है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू नहीं होती और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, उनका विरोध शांत नहीं होगा। 

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और नारेबाजी का दौर

यूनिवर्सिटी गेट के बाहर बढ़ते तनाव को देखते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई थी। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच छात्र संगठन के कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन केवल सांकेतिक नहीं है, बल्कि कार्रवाई होने तक यह धरना अनवरत जारी रहेगा। यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर घंटों तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।

यूनिवर्सिटी प्रशासन की चुप्पी और अनिश्चितता

इतने बड़े विवाद और परिसर के बाहर हो रहे भारी हंगामे के बावजूद, गलगोटिया यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है। प्रशासन की इस चुप्पी ने छात्रों के आक्रोश को और हवा दे दी है। अब देखना यह होगा कि सरकार और संबंधित शिक्षा विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं और क्या प्रदर्शनकारियों की मांगों पर कोई संज्ञान लिया जाता है।