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चिराग पासवान ने सहायक प्राध्यापक नियमावली-2026 में संशोधन की उठाई मांग, सीएम सम्राट को पत्र लिख की यह अपील

केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने बिहार के युवाओं के हितों की रक्षा के लिए एक बड़ी पहल की है। उन्होंने सीएम सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर सहायक प्राध्यापक नियमावली-2026 में संशोधन और डोमिसाइल नीति लागू करने की अपील की है.....

चिराग पासवान ने सहायक प्राध्यापक नियमावली-2026 में संशोधन की
केन्द्रीय मंत्री चिराग ने सीएम सम्राट को लिखा पत्र- फोटो : धीरज सिंह

Delhi : केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक पत्र लिखकर 'सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली-2026' में संशोधन की मांग की है। उन्होंने पत्र के माध्यम से राज्य के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थियों की चिंताओं को सरकार के सामने रखा है।

अतिथि शिक्षकों व स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा आवश्यक

चिराग पासवान ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि बिहार में लंबे अंतराल के बाद सहायक प्राध्यापकों की बहाली का यह अवसर आया है। ऐसी स्थिति में यह अत्यंत आवश्यक है कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह संतुलित और न्यायसंगत हो, ताकि वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों, मेधावी अभ्यर्थियों और बिहार के छात्रों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।

डोमिसाइल नीति लागू करने और 55 वर्ष आयु सीमा की मांग

केंद्रीय मंत्री ने प्रस्तावित नियमावली के प्रमुख बिंदुओं पर पुनर्विचार का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि बहाली प्रक्रिया में यूजीसी रेगुलेशन 2018 (Table 3A) को लागू किया जाए और अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 55 वर्ष की जाए। इसके साथ ही उन्होंने बिहार के स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने के लिए डोमिसाइल नीति लागू करने पर जोर दिया है।

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अतिथि प्राध्यापकों का 65 वर्ष तक सेवा समायोजन करने की अपील 

पत्र में चिराग पासवान ने विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखने तथा बहाली को पूरी तरह से स्थायी और नियमित करने का आग्रह किया है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि नियमित नियुक्ति से पहले बिहार के विश्वविद्यालयों में लंबे समय से पढ़ा रहे अतिथि सहायक प्राध्यापकों को 65 वर्ष की आयु तक सेवा सामंजन का लाभ देकर समायोजित किया जाना चाहिए।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए संशोधन जरूरी 

अपने संदेश के अंत में चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि बहाली का मुख्य उद्देश्य केवल खाली पदों को भरना नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि इस प्रक्रिया का मूल मकसद बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को योग्य, अनुभवी और उत्कृष्ट शिक्षकों के माध्यम से सुदृढ़ बनाना है, ताकि राज्य के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

धीरज सिंह की रिपोर्ट