LATEST NEWS

  • Bihar Road Accident: गया में दर्दनाक सड़क हादसा, स्कूल बस की चपेट में आने से युवक की मौत, दोस्त घायल, गांव में पसरा मातम
  • Bihar Road Accident: गया में दर्दनाक सड़क हादसा, स्कूल बस की चपेट में आने से युवक की मौत,

  • Patna Sports Complex
  • Patna News:पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर को मिलेगी नई पहचान, अंतरराष्ट्रीय मानकों पर होगा ट्रैक और मैदान का

  • Patna Pataliputra Police Recover Pistol and Revolver
  • पटना में हथियार के साथ चार अपराधी गिरफ्तार, पिस्टल और सिक्सर समेत जिंदा कारतूस बरामद

  • Nawada
  • दिवाली से पहले उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, बिहार-झारखंड सीमा पर पानी के बीच लाई जा रही

  •  Nishant
  • निशांत का MLC चुनाव में 3 सीटों पर जदयू की हार के बाद बड़ा ऐलान, यूपी विधानसभा

Bihar NIA Raid: AK-47 बरामदगी मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा गिरफ्तार

Bihar NIA Raid: AK-47 बरामदगी मामले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई की है।

Bihar NIA Raid: AK-47 बरामदगी मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई
AK-47 बरामदगी मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई- फोटो : reporter

Bihar NIA Raid: मुजफ्फरपुर AK-47 बरामदगी मामले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी  ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी की टीम ने देर रात पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता की गिरफ्तारी वैशाली जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत जौहरी बाजार स्थित उनके कार्यालय के पास से की गई। गिरफ्तारी के बाद NIA की टीम उन्हें अपने साथ लेकर चली गई। इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं, अधिवक्ता के परिजनों ने NIA की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे कथित तौर पर साजिश और दुर्भावना से प्रेरित बताया है।

केस नंबर RC-11/2024/NIA/DLI में हुई गिरफ्तारी

जानकारी के अनुसार, NIA ने अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा को केस नंबर RC-11/2024/NIA/DLI के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। यह मामला मुजफ्फरपुर में AK-47 बरामदगी से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी इस मामले में पहले भी कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। अब अधिवक्ता की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी के पीछे की विस्तृत वजह और कथित भूमिका को लेकर एजेंसी का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

परिजनों का आरोप- जानबूझकर फंसाने की हो रही कोशिश

NIA की कार्रवाई के बाद अधिवक्ता के परिजनों ने एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। गिरफ्तार अधिवक्ता के पिता ने दावा किया कि NIA की टीम इससे पहले भी दो बार उनके घर पर छापेमारी कर चुकी है। उनके मुताबिक, पहली छापेमारी के दौरान घर से कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ था। वहीं, दूसरी छापेमारी को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घर के बाहर स्थित एक कमरे में रिवॉल्वर रखकर उसकी बरामदगी दिखाई गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

जब्ती सूची को NIA कोर्ट में दी गई है चुनौती

अधिवक्ता के चचेरे भाई ने आरोप लगाया कि दूसरी बार NIA द्वारा की गई छापेमारी और तैयार की गई जब्ती सूची को पटना स्थित NIA की विशेष अदालत में चुनौती दी गई है। उनके अनुसार, इस मामले में अदालत ने जांच एजेंसी से जवाब भी मांगा है। परिजनों का दावा है कि इसी कानूनी कार्रवाई से नाराज होकर अधिवक्ता को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने गिरफ्तारी को दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई बताया है। हालांकि, इस आरोप पर NIA का पक्ष सामने आना बाकी है।

NSIT
Nsmch

लाइसेंसी हथियार और नकदी ले जाने का भी आरोप

अधिवक्ता के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरी छापेमारी के दौरान NIA की टीम उनके लाइसेंसी हथियार और कुछ नकदी भी अपने साथ ले गई थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में NIA के महानिदेशक से लेकर प्रधानमंत्री तक शिकायत की गई है। परिजनों का कहना है कि उनकी शिकायतों के बाद से ही परिवार को परेशान किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच एजेंसी के आधिकारिक जवाब के बाद ही हो सकेगी।

AK-47 बरामदगी मामले में पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

 मुजफ्फरपुर AK-47 बरामदगी मामले में अब तक छह से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। NIA इस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। इसी कड़ी में देर रात अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा की गिरफ्तारी की गई है। एजेंसी की इस कार्रवाई को मामले की जांच में एक अहम कदम माना जा रहा है।फिलहाल इस पूरे प्रकरण में दो पक्ष आमने-सामने हैं। एक तरफ NIA की कार्रवाई है, तो दूसरी तरफ अधिवक्ता के परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप। अब सबकी निगाहें अदालत की कार्यवाही, जांच एजेंसी के आधिकारिक पक्ष और मामले में सामने आने वाले साक्ष्यों पर टिकी हैं।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार