PMCH में एंबुलेंसकर्मी की गुंडागर्दी, मुफ्त शव सेवा के बदले जबरन वसूली, कंट्रोल रुम में बैठा कौन है वो सफेदपोश?

Patna News: सूबे के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में मुफ्त सरकारी सेवा को लेकर सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है।...

PMCH में एंबुलेंसकर्मी की गुंडागर्दी, मुफ्त शव सेवा के बदले
PMCH में एंबुलेंसकर्मी की गुंडागर्दी- फोटो : reporter

Patna News: सूबे के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में मुफ्त सरकारी सेवा को लेकर सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है। आरोप है कि मरीजों और मृतकों के परिजनों की मजबूरी का फायदा उठाकर 102 एंबुलेंस का चालक शव पहुंचाने के बदले रुपये की मांग कर रहा है। इस कथित वसूली का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, न्यूज 4 नेशन वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।मामला मित्तनचक से पीएमसीएच लाए गए एक शव से जुड़ा बताया जा रहा है। मृतक के परिजनों के मुताबिक, मरीज की मौत के बाद उन्होंने 102 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस सेवा मांगी थी। इसके बाद चालक राजकुमार शव को लेकर पीएमसीएच के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा।

आरोप है कि पोस्टमार्टम हाउस पहुंचते ही चालक ने मृतक के परिजनों से रुपये की मांग शुरू कर दी। परिजनों ने जब अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं, तब भी कथित तौर पर चालक ने दबाव बनाना जारी रखा। परिवार के लोगों के पास रुपये नहीं होने पर उन्होंने किसी दूसरे व्यक्ति से पैसे उधार लेकर चालक को दिए। आरोप है कि रुपये मिलने के बाद ही चालक वहां से हटने को तैयार हुआ।

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पोस्टमार्टम कर्मियों पर भी दबाव बनाने का आरोप

मामला सिर्फ मृतक के परिजनों से कथित वसूली तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। आरोप है कि चालक राजकुमार पोस्टमार्टम हाउस में काम करने वाले कर्मचारियों पर भी दबाव बनाता है। कथित तौर पर वह शवों को जबरन पोस्टमार्टम हाउस के अंदर रखवाने की कोशिश करता है।आरोप यह भी है कि विरोध करने पर चालक अपने कथित परिचित के जरिए कंट्रोल रूम से फोन करवाकर स्वास्थ्यकर्मियों पर दबाव बनाता है। इससे पोस्टमार्टम हाउस में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच खौफ का माहौल होने का दावा किया जा रहा है।हालांकि, इन तमाम आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आना अभी बाकी है।

मुफ्त सेवा पर उठे गंभीर सवाल

राज्य सरकार की ओर से संचालित 102 एंबुलेंस सेवा का मकसद मरीजों को सरकारी अस्पतालों तक पहुंचाना और निर्धारित परिस्थितियों में शवों के परिवहन में मदद करना है। यह सेवा जरूरतमंदों के लिए निःशुल्क रखी गई है। ऐसे में अगर किसी चालक द्वारा इस सेवा के नाम पर परिजनों से जबरन रुपये वसूलने का आरोप सही साबित होता है, तो यह सरकारी व्यवस्था और मरीजों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिस परिवार ने अपने किसी करीबी को खोया, उसे अंतिम सफर में भी कथित वसूली का सामना करना पड़ा। मुफ्त सेवा के नाम पर मजबूर परिजनों से रुपये मांगने का आरोप व्यवस्था की संवेदनशीलता पर भी सवालिया निशान लगाता है।वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि स्वास्थ्य विभाग और पीएमसीएच प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। यदि आरोपों की जांच में पुष्टि होती है तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत होगी, ताकि सरकारी एंबुलेंस सेवा को लेकर आम लोगों का भरोसा कायम रहे।

अनिल की रिपोर्ट