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भागलपुर में घर के अंदर मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, हथियार बनाने का इतना सामान देख कर दंग रह गई पुलिस

Bihar Crime: पुलिस ने अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कार्रवाई का दावा किया है।..

Bhagalpur Mini Gun Factory Busted
खुलेगा हथियार सप्लाई नेटवर्क का राज?- फोटो : reporter

Bihar Crime: नवगछिया पुलिस ने अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। गोपालपुर थाना क्षेत्र के दियारा इलाके के अजमाबाद गांव में एक घर के अंदर कथित तौर पर चल रही मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने उद्भेदन किया है। छापेमारी के दौरान एक निर्मित देशी कट्टा, एक अर्द्धनिर्मित कट्टा, एक जिंदा कारतूस, तीन खोखा और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण व अन्य सामग्री बरामद की गई है।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित अवैध धंधे के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं और तैयार हथियारों की सप्लाई किन इलाकों तक की जा रही थी।

नवगछिया के एसपी वैभव शर्मा ने सोमवार को प्रेस वार्ता में कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त को गुप्त सूचना मिली थी कि गोपालपुर थाना क्षेत्र के अजमाबाद गांव में ऋषि कुमार के घर पर अवैध रूप से देशी हथियार बनाए और खरीदे-बेचे जा रहे हैं।सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सूचना का सत्यापन करने के बाद चिन्हित मकान पर छापेमारी की।पुलिस के पहुंचते ही कथित अवैध हथियार निर्माण का राज सामने आया। तलाशी के दौरान हथियार और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई।

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पुलिस के अनुसार, मौके से एक तैयार देशी कट्टा और एक अर्द्धनिर्मित कट्टा मिला। इसके अलावा एक जिंदा कारतूस और तीन खोखा भी बरामद किए गए हैं। हथियार निर्माण से जुड़े उपकरण और सामग्री भी पुलिस ने जब्त की है।बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में कविता देवी, पति ऋषि कुमार, को गिरफ्तार किया है। अब जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि महिला की कथित भूमिका क्या थी और क्या वह हथियार निर्माण या सप्लाई के नेटवर्क से सीधे जुड़ी थी।पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस कथित मिनी गन फैक्ट्री में कितने समय से हथियार तैयार किए जा रहे थे और यहां बने हथियारों की खेप किन अपराधियों या गिरोहों तक पहुंचती थी।

मामले में पुलिस की जांच ऋषि कुमार तक भी पहुंच गई है। एसपी के मुताबिक, अजमाबाद निवासी ऋषि कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ 2023 में गोपालपुर थाना में आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।यही वजह है कि मौजूदा मामले में उसकी भूमिका को भी गंभीरता से खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या पुराने हथियार मामले और मौजूदा कथित मिनी गन फैक्ट्री के बीच कोई संबंध है।

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पुलिस ने इस मामले में गोपालपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच का अगला अहम पड़ाव कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचना होगा।पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद हथियार किसके लिए बनाए जा रहे थे, उन्हें कहां भेजा जाता था और इस पूरे कथित कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।दियारा जैसे दुर्गम इलाकों में अवैध हथियार निर्माण पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती माना जाता है। ऐसे में इस कार्रवाई के बाद यदि पूछताछ और जांच से पूरे नेटवर्क की कड़ियां जुड़ती हैं तो पुलिस को अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान में अहम सफलता मिल सकती है।फिलहाल एक महिला की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मिनी गन फैक्ट्री का असली मास्टरमाइंड कौन है और हथियारों की खपत कहां होती थी, इसका जवाब आगे की जांच में सामने आएगा।

रिपोर्ट- बालमुकुंद कुमार