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Success Story: 'चमार स्टूडियो' के नाम से दुनियाभर में छाया ये ब्रांड, रिहाना और राहुल गांधी भी हैं फैन

सुधीर राजभर के ब्रांड 'चमार स्टूडियो' को आज वैश्विक पहचान मिल चुकी है। इस ब्रांड के उत्पाद रिसाइकिल रबर से बनाए जाते हैं। रिहाना और राहुल गांधी भी इसके मुरीद हैं।

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Success Story: मुंबई के धारावी में छोटी सी शुरुआत करने वाले सुधीर राजभर ने कभी नहीं सोचा था कि उनका ब्रांड 'चमार स्टूडियो' एक दिन वैश्विक पहचान बन जाएगा। 'चमार'- जिसे कभी जातिगत गाली के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था, सुधीर ने उसे गर्व और पहचान का प्रतीक बना दिया। आज उनके उत्पाद भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, जर्मनी और जापान में भी बिक रहे हैं। इस ब्रांड को आम लोग ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पॉप स्टार रिहाना और भारतीय नेता राहुल गांधी भी पसंद करते हैं।


सुधीर राजभर का जन्म उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में हुआ था, लेकिन उनका लालन-पालन मुंबई में हुआ। ड्राइंग और पेंटिंग में स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने अलग राह अपनाने का फैसला किया। जब वे अपने गांव जाते थे, तो उन्हें जातिगत गाली 'चमार' सुननी पड़ती थी, जिससे वे आहत होते थे। लेकिन उन्होंने इस शब्द को अपमान से बदलकर गर्व में बदलने का फैसला किया।

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साल 2018 में सुधीर राजभर ने स्थानीय कारीगरों को काम दिलाने और उनकी कला को दुनिया के सामने लाने के मिशन के साथ 'चमार स्टूडियो' की स्थापना की। उन्होंने चमड़े की जगह रिसाइकिल की गई रबर और अन्य टिकाऊ सामग्रियों से बैग, जूते और अन्य सामान बनाना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने अपने उत्पाद फुटपाथ पर बेचे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई और वे एक बड़े ब्रांड के रूप में पहचाने जाने लगे। 


सुधीर के उत्पादों में इतना आकर्षण है कि अंतरराष्ट्रीय पॉप गायिका रिहाना ने भी इसे अपनाया। उन्होंने 'चमार स्टूडियो' से बने उत्पाद खरीदे, जिससे इस ब्रांड को और भी वैश्विक पहचान मिली। राहुल गांधी ने भी 'चमार स्टूडियो' की सफलता को सराहा और सोशल मीडिया पर इसकी तारीफ की। उन्होंने इसे दलित उद्यमिता का उदाहरण बताया और कहा कि यह ब्रांड भारतीय कारीगरों और उनकी कला को नया जीवन देने का बेहतरीन उदाहरण है। 

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'चमार स्टूडियो' एक वैश्विक ब्रांड बन गया यह दर्शाता है कि कैसे पारंपरिक शिल्प कौशल और आधुनिक उद्यमिता एक साथ मिलकर हाशिए पर पड़े समुदायों को नया जीवन दे सकते हैं। सुधीर राजभर की कहानी उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है जो अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। 'चमार स्टूडियो' सिर्फ़ एक ब्रांड नहीं है, बल्कि बदलाव की कहानी है - एक ऐसी कहानी जो भारत की धरती से निकलकर वैश्विक मंच पर पहुँची है।