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अमेरिका में 9 साल का अनुभव, फिर भी भारत में नहीं मिल रही नौकरी, क्या है वजह?

अमेरिका में 9 साल काम करने और मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद भी एक भारतीय टेक प्रोफेशनल को भारत में नौकरी मिलना मुश्किल हो रहा है। जानिए क्यों उन्हें अपने ही देश में काम नहीं मिल रहा

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अमेरिका में 9 साल तक सॉफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर काम करने और मिशिगन यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद भी, एक भारतीय टेक प्रोफेशनल को भारत में नौकरी पाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अपनी अच्छी-खासी तनख्वाह वाली नौकरी छोड़कर अपने माता-पिता के साथ रहने के लिए भारत लौटने का फैसला किया, लेकिन यहां जॉब मार्केट में उनकी राह आसान नहीं रही। पिछले 6 महीनों में, उन्होंने कई कंपनियों में अप्लाई किया, लेकिन उन्हें सिर्फ़ एक इंटरव्यू मिला - और वह भी रिजेक्ट हो गया।


रेडिट पर @Free-Length-683 नाम के इस डेवलपर ने अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया कि वह Python, Django, Django REST, JavaScript, Vue.js, PostgreSQL जैसी तकनीकों के विशेषज्ञ हैं। हालांकि, क्लाउड कंप्यूटिंग, Docker, Kubernetes और Message Queues जैसी आधुनिक तकनीकों में उनके अनुभव की कमी के कारण कंपनियां उन्हें गंभीरता से नहीं ले रही हैं। शैक्षणिक संस्थानों में काम करने के कारण, उन्हें अत्यधिक स्केलेबल एप्लिकेशन डेवलपमेंट का अनुभव नहीं मिला, जो आज के उद्योग में बहुत महत्वपूर्ण है।

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इस पोस्ट के बाद Reddit यूजर्स ने उन्हें कई उपयोगी सुझाव दिए, जिसके जरिए वह भारतीय टेक इंडस्ट्री में अपनी जगह बना सकते हैं। कुछ यूजर्स ने 6 महीने तक क्लाउड कंप्यूटिंग, DevOps और माइक्रोसर्विसेज जैसी नई तकनीकों में खुद को अपस्किल करने की सलाह दी। इसी तरह, कुछ लोगों ने शुरुआती दौर में विदेशी क्लाइंट्स के साथ काम करने और अपना अनुभव बढ़ाने की भी सलाह दी। यूजर्स ने पुराने साथियों और टेक कम्युनिटी के लोगों से संपर्क करने की सलाह दी ताकि इससे नए अवसर खुल सकें। लोगों ने भारतीय स्टार्टअप्स पर ध्यान केंद्रित करने की भी सलाह दी क्योंकि स्टार्टअप्स में स्किल सेट को लेकर ज्यादा लचीलापन होता है, जो उनके लिए दरवाजे खोल सकता है। ऐसी कंपनियों में अप्लाई करें जिनके भारत में भी ऑफिस हों, ताकि आपको ट्रांसफर का विकल्प मिले।


विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की टेक इंडस्ट्री तेजी से क्लाउड-आधारित तकनीक, DevOps और हाई स्केलेबिलिटी एप्लीकेशन डेवलपमेंट की ओर बढ़ रही है। अगर ये डेवलपर अपने कौशल को अपग्रेड करते हैं, तो भारत में नौकरी मिलने की उनकी संभावना काफी बढ़ जाएगी।

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