LATEST NEWS

  • Tej Pratap Yadav Death Threat
  • तेजप्रताप यादव को दोपहर 3:11 बजे आया खौफनाक कॉल! वीडियो वायरल करने की धमकी से मचा हड़कंप, सरकार

  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल करने की दी धमकी
  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल

  • Fatuha Patna Liquor Raid
  • कानपुर से पटना पहुंची सवा करोड़ की शराब! खाद की बोरियों के नीचे छिपाकर लाई गई,उत्पाद विभाग का

  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने से जेल में था बंद
  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने

  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप किया बरामद, चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप

सरकार की टेढ़ी नजर: आपकी रील और गेमिंग पर लग सकता है 'डेटा का ग्रहण'! परदे के पीछे चल रही है खास तैयारी

भारत में अब सस्ता इंटरनेट बीते दिनों की बात हो सकती है; सरकार मोबाइल डेटा के इस्तेमाल पर अलग से टैक्स लगाने के विकल्प पर विचार कर रही है।

सरकार की टेढ़ी नजर: आपकी रील और गेमिंग पर लग सकता है 'डेटा का

N4N Desk - भारत में मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल करना आने वाले समय में महंगा हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार मोबाइल डेटा की खपत पर एक नया टैक्स लगाने की संभावनाओं को तलाश रही है। हाल ही में टेलीकॉम सेक्टर की एक रिव्यू मीटिंग के दौरान यह मुद्दा उठा, जिसके बाद दूरसंचार विभाग (DoT) को इस पर विस्तृत स्टडी करने का जिम्मा सौंपा गया है। विभाग को यह जांचने के लिए कहा गया है कि क्या डेटा इस्तेमाल पर टैक्स लगाना व्यावहारिक है और यदि हाँ, तो इसका क्रियान्वयन मॉडल क्या होगा।

₹1 प्रति GB टैक्स का फॉर्मूला और ₹22,900 करोड़ की कमाई

Diarch GO

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार जिस विकल्प पर विचार कर रही है, उसके तहत ₹1 प्रति GB डेटा पर टैक्स लगाया जा सकता है। यदि यह प्रस्ताव धरातल पर उतरता है, तो हर बार डेटा खपत के साथ यूजर के बिल या बैलेंस में यह अतिरिक्त चार्ज जुड़ जाएगा। अनुमान है कि इस छोटे दिखने वाले टैक्स से सरकार को प्रति वर्ष लगभग ₹22,900 करोड़ का भारी-भरकम राजस्व प्राप्त हो सकता है। हालांकि, दूरसंचार विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर कोई अंतिम मुहर लगेगी।

डिजिटल इंडिया की रफ्तार पर ब्रेक का डर

भारत वर्तमान में दुनिया के उन देशों में शुमार है जहाँ मोबाइल डेटा सबसे सस्ता है। इसी सस्ते इंटरनेट की बदौलत देश में वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और रील देखने का चलन तेजी से बढ़ा है। जानकारों का मानना है कि नया टैक्स लगने से डिजिटल इंडिया की रफ्तार धीमी पड़ सकती है, खासकर उन ग्रामीण इलाकों में जहाँ डेटा की खपत आर्थिक संवेदनशीलता से जुड़ी है। वर्तमान में यूजर्स पहले से ही मोबाइल रिचार्ज और पोस्टपेड बिल पर 18% GST का भुगतान कर रहे हैं, ऐसे में डेटा पर अलग से टैक्स बोझ बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

NSIT
Nsmch

सोशल मीडिया पर चर्चा तेजआधिकारिक बयान का इंतजार

भले ही सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान (Official Statement) जारी नहीं किया गया है, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे रेडिट और ट्विटर पर सूत्रों के हवाले से यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है। फिलहाल, पूरी गेंद दूरसंचार विभाग के पाले में है, जो इसके फायदे और नुकसान का विश्लेषण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। तब तक के लिए यूजर्स को केवल कयासों और संभावित खर्चों के गणित के साथ ही संतोष करना होगा।

हैशटैग: