LATEST NEWS

  • Tej Pratap Yadav Death Threat
  • तेजप्रताप यादव को दोपहर 3:11 बजे आया खौफनाक कॉल! वीडियो वायरल करने की धमकी से मचा हड़कंप, सरकार

  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल करने की दी धमकी
  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल

  • Fatuha Patna Liquor Raid
  • कानपुर से पटना पहुंची सवा करोड़ की शराब! खाद की बोरियों के नीचे छिपाकर लाई गई,उत्पाद विभाग का

  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने से जेल में था बंद
  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने

  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप किया बरामद, चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप

Gold Price Hike: सोना-चांदी की कीमतों में उछाल! शादी सीजन और फेड की ब्याज दरों की उम्मीदों ने बढ़ाया चमक का बाजार

Gold Price Hike: शादी सीजन और फेड की संभावित दर कटौती की उम्मीदों के बीच सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार बढ़ोतरी देखी गई। एमसीएक्स पर सोना 1,24,924 रुपये और चांदी 1,56,380 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंची।

Gold Price Hike
सोना-चांदी का दमदार उछाल- फोटो : social media

Gold Price Hike: भारत में शादी का मौसम हमेशा से सोना-चांदी की कीमतों को गति देने वाला बड़ा कारक माना जाता है। नवंबर–दिसंबर के बीच लाखों शादियों की तैयारियां होती हैं, जिनमें आभूषणों की खरीदारी मुख्य भूमिका निभाती है। इसी बढ़ती घरेलू मांग के बीच मंगलवार को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई। निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व, दिसंबर में ब्याज दरें कम कर सकता है। यही उम्मीद वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों को सहारा दे रही है।

एमसीएक्स पर दिसंबर वायदा सोना 1,070 रुपये की छलांग लगाकर 0.86% बढ़ते हुए 1,24,924 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी का दिसंबर वायदा अनुबंध भी पीछे नहीं रहा और 1.23% की तेजी के साथ 1,56,380 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। शादी के सीजन में इस तरह की तेजी उपभोक्ताओं के लिए चुनौती लेकर आती है, क्योंकि हर परिवार के बजट में सोना-चांदी की खरीदारी पहले से शामिल रहती है। हालांकि निवेशकों के लिए यह माहौल काफी फायदेमंद माना जाता है।

Diarch GO

सोने की कीमतों में यह तेज़ी केवल भारतीय बाजार का परिणाम नहीं, बल्कि वैश्विक संकेतकों और आर्थिक उम्मीदों की देन भी है। अमेरिका में ब्याज दरें कम होने की संभावना बढ़ते ही डॉलर कमजोर पड़ता है और ऐसे समय में सोना सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में तेजी से चमकता है। वर्तमान परिस्थिति में यही व्यापक आर्थिक धाराएँ सोना-चांदी को ऊपर ले जा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता, लेकिन भाव ऊंचे

विश्व स्तर पर सोने की कीमतें मंगलवार को शांत रहीं, लेकिन पिछले कारोबारी सत्र में सोने में करीब 2% की भारी बढ़त देखने को मिली थी। अमेरिका की मौद्रिक नीति में संभावित ढील की उम्मीद ने इस तेजी को जन्म दिया। सोमवार को सोना 1.8% बढ़कर 4,139.80 डॉलर पर पहुंच गया था, जो 14 नवंबर के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स 0.7% बढ़ते हुए 4,049.50 डॉलर प्रति औंस पर रहे।

NSIT
Nsmch

डॉलर की मजबूती आम तौर पर सोने की कीमतों को दबाती है, क्योंकि अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है। लेकिन इस बार परिस्थिति कुछ अलग रही। यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) 100.15 पर मंडरा रहा था, लगभग स्थिर, लेकिन फेड की दर कटौती की उम्मीदों ने इसकी मजबूती का असर कम कर दिया। यही वजह रही कि कीमतें लगातार उछाल लेती रहीं।

न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स के बयान ने भी सोने को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि फेड मुद्रास्फीति के लक्ष्य को खतरे में डाले बिना निकट भविष्य में ब्याज दरें कम कर सकता है। यह संकेत निवेशकों के लिए सकारात्मक माना गया क्योंकि ब्याज दरें कम होने पर बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न घटता है, जिससे सोना जैसे सुरक्षित एसेट की मांग बढ़ जाती है।

इसके बावजूद, फेड के कुछ प्रमुख अधिकारी सतर्क रुख में बने हुए हैं। डलास फेड प्रमुख लोरी लोगान और क्लीवलैंड व शिकागो फेड के प्रमुखों ने आगाह किया है कि जल्दबाज़ी में दरों में कटौती अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। ऐसे मिश्रित संकेतों के बीच सोना फिलहाल मजबूत स्थिति में बना हुआ है और निवेशकों की नजर दिसंबर की बैठक पर टिकी है।

देशभर में सोने का भाव: दिल्ली से चेन्नई तक कहां कितनी कीमत

सोने की कीमतें न सिर्फ वैश्विक स्तर पर, बल्कि भारत के अलग-अलग शहरों में भी लगातार बदलती रहती हैं। मंगलवार को कई महानगरों में सोने की दरों में तेजी रही और खरीददारों के लिए यह नया मूल्य स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दिल्ली में, 22 कैरेट सोना 93,176 रुपये प्रति 8 ग्राम और 24 कैरेट 1,00,224 रुपये पर दर्ज हुआ।

मुंबई में, 22 कैरेट सोना 92,512 रुपये और शुद्ध सोना 99,464 रुपये प्रति 8 ग्राम रहा।

चेन्नई में, 22 कैरेट सोना 92,472 रुपये और 24 कैरेट 99,504 रुपये दर्ज किया गया।

हैदराबाद में, 22 कैरेट सोना 92,640 रुपये और 24 कैरेट 99,608 रुपये पर रहा।

इन दरों से यह स्पष्ट होता है कि शादी के सीजन और सट्टा बाजार दोनों मिलकर सोने की कीमतों को उच्च स्तर पर बनाए हुए हैं। महानगरों में कीमतों में मामूली अंतर टैक्स, परिवहन और मांग के आधार पर देखा जाता है।

कीमतों की इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ता है, क्योंकि शादी के मौसम में सोने की खरीद परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। वहीं निवेशक इसे सुरक्षित निवेश के अवसर के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में कीमतों ने कई बार मजबूत रिकवरी दिखाई है।

आने वाले दिनों में कैसी रहेगी सोने-चांदी की चाल: निवेशकों के लिए संकेत

सोना आमतौर पर कम ब्याज दर वाले माहौल में बेहतर प्रदर्शन करता है। कारण यह है कि सोने पर ब्याज नहीं मिलता, इसलिए जब बैंक दरें गिरती हैं तो निवेशक सोने की ओर आकर्षित होते हैं। वर्तमान में CME FedWatch Tool के अनुसार दिसंबर में दर कटौती की संभावना 81% तक पहुंच गई है—जो एक दिन पहले 79% और पिछले सप्ताह सिर्फ 40% थी। इन आँकड़ों से बाजार की उम्मीदों का रुझान स्पष्ट हो जाता है।

हालांकि, फेड अधिकारियों की मिली-जुली टिप्पणियों ने बाजार को थोड़ा असमंजस में भी रखा है। शिकागो और क्लीवलैंड फेड प्रमुखों का मानना है कि अर्थव्यवस्था अभी भी कई जोखिमों से गुजर रही है, इसलिए जल्दबाज़ी में दरें कम करना गलत कदम हो सकता है। यदि फेड सतर्क रुख अपनाता है, तो निकट भविष्य में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

भारत में शादी का सीजन चल रहा है, और दिसंबर–जनवरी की बड़ी मांग सोने को आगे भी मजबूत बनाए रख सकती है। अंतरराष्ट्रीय कीमतें भी अगर स्थिर रहीं, तो घरेलू बाजार में कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। विशेषज्ञों की राय है कि निवेशकों को जल्दबाज़ी न करते हुए बाजार पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि सोने में अभी भी दीर्घकालिक मजबूती के संकेत स्पष्ट हैं।