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सोने की चमक पड़ी फीकी: 1983 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट, जानें क्यों सस्ता हुआ गोल्ड

मार्च 2026 में सोने की कीमतों में 1983 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट देखी गई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल में उछाल ने गोल्ड मार्केट का समीकरण बदल दिया है। यहाँ देखें ताजा रेट्स और गिरावट की मुख्य वजहें।

सोने की चमक पड़ी फीकी: 1983 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट, जाने

Patna -  भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। जानिए क्यों निवेश का सुरक्षित ठिकाना माना जाने वाला सोना इस बार धड़ाम हो गया

जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच भी क्यों गिरा सोना? 

आमतौर पर युद्ध और वैश्विक तनाव के समय निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर इसमें पैसा लगाते हैं, जिससे कीमतें बढ़ती हैं। लेकिन इस बार अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के बावजूद सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई है। इस हफ्ते सोने के दाम करीब 11% तक टूटे हैं, जो साल 1983 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। जंग शुरू होने के बाद से अब तक गोल्ड कुल मिलाकर 14% से ज्यादा नीचे आ चुका है, जिसने बाजार के जानकारों को हैरान कर दिया है।

क्रूड ऑयल और सेंट्रल बैंकों का सख्त रुख 

सोने में गिरावट की एक बड़ी वजह कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगी आग है। ब्रेंट क्रूड 40% की बढ़त के साथ $100 के करीब पहुँच गया है, जिससे दुनिया भर में महंगाई का खतरा बढ़ गया है। इस महंगाई को काबू करने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व सहित दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ट्रेडर्स को अब उम्मीद है कि इस साल दरों में कोई कटौती नहीं होगी। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक सोने के बजाय बॉन्ड जैसे साधनों को चुनते हैं क्योंकि वहां निश्चित आय (Yield) मिलती है।

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डॉलर की मजबूती और प्रॉफिट बुकिंग का दबाव 

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 2% की तेजी ने भी सोने पर दबाव बनाया है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर अन्य मुद्रा वाले देशों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है। इसके अलावा, साल 2025 में सोने ने 64% का शानदार रिटर्न दिया था और जनवरी 2026 में यह $5000 प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया था। इतनी बड़ी तेजी के बाद अब निवेशक बड़े पैमाने पर 'प्रॉफिट बुकिंग' (मुनाफा वसूली) कर रहे हैं, जो गिरावट का प्रमुख कारण बना है।

भारतीय बाजार में सोने-चांदी के ताजा भाव

 स्थानीय बाजारों में भी कीमतों में भारी कमी आई है। IBJA के अनुसार, 24 कैरेट सोना 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है, जबकि एक समय यह काफी ऊपर था। चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखी गई है और यह 2.32 लाख रुपये प्रति किलो के करीब ट्रेड कर रही है। प्रमुख शहरों जैसे बेंगलुरु, मुंबई और चेन्नई में तनिष्क और कल्याण ज्वेलर्स जैसे ब्रांड्स पर 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 13,835 से 13,875 रुपये प्रति ग्राम के बीच चल रहा है। चांदी में एक ही दिन में 4,000 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई है।

खरीदारी से पहले 'हॉलमार्किंग' और HUID का रखें ध्यान 

कीमतों में आई इस गिरावट का लाभ उठाने के लिए यदि आप गहने खरीदने की सोच रहे हैं, तो ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के नियमों का पालन जरूर करें। हमेशा हॉलमार्क वाली ज्वेलरी ही खरीदें। वर्तमान में हॉलमार्क के तीन मुख्य चिह्न होते हैं: BIS लोगो, कैरेट में शुद्धता और 6 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) नंबर। ग्राहक 'BIS Care App' के जरिए इस HUID नंबर को वेरीफाई कर सकते हैं, जिससे सोने की शुद्धता और उसकी ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित होती है।