LATEST NEWS

  • Tej Pratap Yadav Death Threat
  • तेजप्रताप यादव को दोपहर 3:11 बजे आया खौफनाक कॉल! वीडियो वायरल करने की धमकी से मचा हड़कंप, सरकार

  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल करने की दी धमकी
  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल

  • Fatuha Patna Liquor Raid
  • कानपुर से पटना पहुंची सवा करोड़ की शराब! खाद की बोरियों के नीचे छिपाकर लाई गई,उत्पाद विभाग का

  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने से जेल में था बंद
  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने

  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप किया बरामद, चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप

अब भारत में ही तैयार होगा स्टील ग्रेड कोयला, कोल इंडिया ने इस कंपनी से की 3300 करोड़ की डील, विदेशी निर्भरता होगी खत्म

कोल इंडिया ने ₹3,300 करोड़ के निवेश से 8 नई कोकिंग कोल वॉशरीज लगाने का एलान किया है। FY30 तक चालू होने वाली इन इकाइयों से स्टील सेक्टर को उच्च गुणवत्ता वाला घरेलू कोयला मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।

Coal India high-tech coal washing plant in Jharkha
कोल इंडिया और टाटा स्टील में बड़ी डील।- फोटो : Gemini

N4N business - : सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज खनन कंपनी कोल इंडिया (Coal India) ने घरेलू कोयले की गुणवत्ता में सुधार और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना का एलान किया है। शुक्रवार को कंपनी ने घोषणा की कि वह देश में 8 नई कोकिंग कोल वॉशरीज (Coking Coal Washeries) स्थापित करने के लिए लगभग 3,300 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करेगी। इस कदम का सीधा लाभ भारत के स्टील सेक्टर को मिलेगा, जो वर्तमान में उच्च गुणवत्ता वाले कोकिंग कोल के लिए विदेशों पर निर्भर है।

2030 तक पूरी तरह सक्रिय होंगी नई इकाइयां

कोल इंडिया की इन नई वॉशरीज की कुल क्षमता 21.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTY) होगी। कंपनी का लक्ष्य है कि वित्तीय वर्ष 2030 (FY30) तक ये सभी इकाइयां पूरी तरह चालू हो जाएं। वर्तमान में, कोल इंडिया के पास 10 वॉशरीज का नेटवर्क है जिसकी क्षमता 18.35 MTY है। नई इकाइयों के जुड़ने से यह क्षमता दोगुनी से अधिक हो जाएगी। इसके अलावा, कंपनी अपनी मौजूदा वॉशरीज के आधुनिकीकरण पर भी 300 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी।

Diarch GO

झारखंड और पश्चिम बंगाल बनेंगे मुख्य केंद्र

योजना के अनुसार, इन 8 नई सुविधाओं में से 5 वॉशरीज सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के तहत स्थापित की जाएंगी, जिनकी क्षमता 14.5 MTY होगी। वहीं, शेष 3 वॉशरीज भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के तहत बनेंगी। ये मुख्य रूप से झारखंड और पश्चिम बंगाल के रानीगंज क्षेत्र में स्थापित की जाएंगी। टाटा स्टील के साथ पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत हुई साझेदारी से तकनीकी विशेषज्ञता और रिकवरी एफिशिएंसी में बड़े सुधार की उम्मीद है।

स्टील सेक्टर के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगी पहल

NSIT
Nsmch

भारत में कोकिंग कोल का भंडार तो है, लेकिन इसमें राख (Ash) की मात्रा 25% से 45% तक होती है, जो स्टील निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं है। वॉशरीज के माध्यम से इस राख को कम कर कोयले की गुणवत्ता सुधारी जाएगी। इससे न केवल घरेलू स्टील उत्पादन की लागत कम होगी, बल्कि देश की विदेशी मुद्रा की भी बड़ी बचत होगी। साथ ही, राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन के तहत कंपनी अपनी पुरानी और गैर-परिचालन इकाइयों से भी फंड जुटाने की प्रक्रिया में है।

बाजार में कोल इंडिया के शेयरों की स्थिति

इस बड़ी घोषणा का सकारात्मक असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। शुक्रवार दोपहर को कोल इंडिया के शेयरों में तेजी दर्ज की गई और यह 0.4% की बढ़त के साथ 445.45 रुपये के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। निवेशकों को उम्मीद है कि बुनियादी ढांचे में इस बड़े निवेश से कंपनी की दीर्घकालिक लाभप्रदता और बाजार हिस्सेदारी में इजाफा होगा।