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दूरसंचार टावरों से करोड़ों के उपकरण चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, लखनऊ से सरगना गिरफ्तार

सुपौल पुलिस ने टेलीकॉम उपकरण चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। वहीं पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सरगना को यूपी के लखनऊ से धर दबोचा है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ये लोग उपकरण को विदेशो में बेचा करते थे.....

दूरसंचार टावरों से करोड़ों के उपकरण चोरी करने वाले अंतरराज्य
टेलीकॉम उपकरण चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा - फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले की पुलिस ने दूरसंचार टावरों से करोड़ों रुपये के महंगे उपकरण चोरी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पिपरा थाना क्षेत्र स्थित इंडस टावर साइट से लगभग 5 करोड़ 88 लाख रुपये मूल्य के टेलीकॉम उपकरण (फाइबर कार्ड) चोरी होने के मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से धर दबोचा है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया जाने वाला चारपहिया वाहन भी जब्त कर लिया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित भागदेवा निवासी ध्रुव द्विवेदी के रूप में हुई है।


एक अक्टूबर को दर्ज कराई गई थी प्राथमिकी

इस बड़ी चोरी की घटना की शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 को हुई थी, जब Peregrine Guarding Pvt. Ltd. के सीनियर ऑपरेशन मैनेजर ने पिपरा थाना क्षेत्र के टावर साइट से भारी मात्रा में टेलीकॉम उपकरणों के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई। चोरी गए फाइबर कार्डों की कुल अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ 88 लाख रुपये आंकी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पिपरा थाने में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने गहन छानबीन शुरू कर दी थी।


एसआईटी का गठन और लखनऊ से गिरफ्तारी

वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शरथ आर एस के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। इस टीम में पिपरा थाना के पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ तकनीकी सेल को भी शामिल किया गया। घटनास्थल के साक्ष्यों, तकनीकी सर्विलांस और खुफिया सूचनाओं के आधार पर आगे बढ़ते हुए पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश में दबिश दी और लखनऊ से गिरोह के सरगना ध्रुव द्विवेदी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।


कई राज्यों में फैला है नेटवर्क और लंबा आपराधिक इतिहास

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसका यह गिरोह बिहार, उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में टावरों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ध्रुव द्विवेदी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई जिलों—प्रयागराज, हरदोई, जालौन, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर, महोबा और अंबेडकरनगर में चोरी, नकबजनी और संगठित अपराध के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं।


चोरी के सामान को विदेशों में बेचने की आशंका

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प्राथमिक जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि यह गिरोह चोरी किए गए महंगे तकनीकी उपकरणों को विदेशों में भी खपाता (बेचता) था। इस एंगल को ध्यान में रखते हुए पुलिस अब विदेशी नेटवर्क और खरीद-बिक्री के पूरे रैकेट की गहराई से पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है तथा उनकी गिरफ्तारी और शेष उपकरणों की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट