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सुपौल के त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में शुरू हुई डायलिसिस सेवा, ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को नहीं लगाना पड़ेगा बड़े शहरों का चक्कर

सुपौल जिले के किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है, अब उन्हें डायलेसिस के लिए बड़े शहरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। जिले के त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में अब डायलिसिस की सेवा शुरु हो गई है.....

सुपौल के त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में शुरू हुई डायलिसिस
त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में शुरू हुई डायलिसिस सेवा- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के अंतर्गत त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अस्पताल में पहली बार अत्याधुनिक डायलिसिस सेवा की औपचारिक शुरुआत की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को सेवा के पहले ही दिन एक मरीज का सफलतापूर्वक डायलिसिस किया गया। इस सुविधा के बहाल होने से त्रिवेणीगंज और आसपास के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को अब जिला मुख्यालय या अन्य बड़े शहरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।

राशन कार्डधारियों को मुफ्त और अन्य के लिए 1,797 रुपये शुल्क निर्धारित

अस्पताल प्रशासन ने गरीब और जरूरतमंद मरीजों की आर्थिक स्थिति का ध्यान रखते हुए पारदर्शी शुल्क व्यवस्था लागू की है। प्राप्त आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, राशन कार्डधारी (खाद्य सुरक्षा योजना के तहत सूचीबद्ध) मरीजों को डायलिसिस की पूरी सुविधा पूरी तरह से निःशुल्क (मुफ्त) प्रदान की जाएगी। वहीं, जिन मरीजों के पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है, उन्हें सरकारी निर्धारित दर के अनुसार प्रति डायलिसिस केवल 1,797 रुपये का भुगतान करना होगा।

अस्पताल उपाधीक्षक और अपोलो टीम की मौजूदगी में पहला सफल डायलिसिस

डायलिसिस सेवा के पहले दिन के सफल संचालन के दौरान अस्पताल प्रबंधक, अस्पताल उपाधीक्षक और पीपीपी मोड (PPP Mode) के तहत सेवा प्रदान कर रही 'अपोलो डायलिसिस प्राइवेट लिमिटेड' के जिला हेड इंचार्ज मुख्य रूप से मौजूद रहे। उनकी देखरेख में ही मरीज का पहला डायलिसिस सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में तकनीकी उपकरणों और विशेषज्ञों की पूरी टीम तैनात की गई है ताकि मरीजों को निजी अस्पतालों जैसी उच्च स्तरीय सुविधा मिल सके।

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दूर जाने की परेशानी, समय और इलाज के खर्च से मिलेगी बड़ी राहत

किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को डॉक्टरों की सलाह पर सप्ताह या महीने में नियमित अंतराल पर डायलिसिस कराना पड़ता है। अब तक त्रिवेणीगंज क्षेत्र के मरीजों को इस गंभीर इलाज के लिए दूसरे जिलों या महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, जिससे उन पर आर्थिक बोझ के साथ-साथ आने-जाने का अतिरिक्त दबाव भी बना रहता था। स्थानीय स्तर पर ही यह सुविधा मिलने से अब मरीजों और उनके परिजनों के समय तथा यात्रा खर्च की सीधी बचत होगी।

क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में इस सेवा का प्रारंभ होना स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का मुख्य ध्यान अब इस सुविधा के निरंतर सुचारू संचालन और ज्यादा से ज्यादा पात्र तथा गरीब मरीजों तक इसका लाभ पहुंचाने पर केंद्रित है। पहले दिन की सफलता के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का स्वागत किया है।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट