'जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार' अभियान की सुपौल में शुरुआत, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान पर मुख्य फोकस
सुपौल जिले में गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, मुफ्त जांच और बेहतर उपचार को लेकर बुधवार को ‘जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। अभियान के तहत कैंसर, ब्लड प्रेसर, डायबिटिज समेत कई रोगों की पहचान कर इलाज किया जाएगा....

Supaul : जिले में गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, मुफ्त जांच और बेहतर उपचार को लेकर बुधवार को ‘जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह विशेष स्वास्थ्य अभियान पूरे जिले में 30 नवंबर 2026 तक संचालित होगा। सदर अस्पताल सुपौल के साथ-साथ अनुमंडलीय अस्पतालों और रेफरल अस्पताल राघोपुर में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत राज्यस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई।
गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान पर मुख्य फोकस
इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य गंभीर और गैर-संचारी रोगों (NCDs) के प्रभाव को कम कर आम जनता तक त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। अभियान के तहत उच्च रक्तचाप, मधुमेह, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, अस्थमा, सीओपीडी, फैटी लिवर (NAFLD) और हृदय संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका इलाज किया जाएगा, जिससे मरीजों को गंभीर स्थिति में जाने से रोका जा सके।
30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की जांच और आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग
कार्यक्रम के दौरान 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच पर विशेष बल दिया गया। अभियान में आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका तय की गई है, जो घर-घर जाकर सीबीएसी (CBAC) फॉर्म भरेंगी और आहार संबंधी चेकलिस्ट तैयार करेंगी। इसके साथ ही लोगों को संतुलित आहार और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
सदर अस्पताल में अधिकारियों और चिकित्सकों की गरिमामयी उपस्थिति
सदर अस्पताल सुपौल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी सावन कुमार, नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा, सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहेब झा और एसीएमओ डॉ. आनंद शंकर प्रसाद सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा एनसीडीओ डॉ. ममता कुमारी, अस्पताल प्रबंधक और एएनएम सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
स्वास्थ्य विभाग की आम लोगों से समय पर जांच कराने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के तमाम नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान का बढ़-चढ़कर लाभ उठाएं। बीमारियों के शुरुआती लक्षणों की अनदेखी न करते हुए 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोग समय पर अपनी जांच अवश्य कराएं। विभाग का कहना है कि सही समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर गैर-संचारी रोगों के खतरों से पूरी तरह बचाव संभव है।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट















