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सिवान का विकलांग युवक परमेश्वर पंडित 4 साल बाद महाकुंभ में मिला,अपहरण के बाद मिली नई जिंदगी

सिवान के 25 वर्षीय विकलांग युवक परमेश्वर पंडित, जिन्हें 4 साल पहले अपहरण कर लिया गया था, महाकुंभ में भीख मांगते हुए मिले। गांव वालों की मदद से उन्हें अपहरणकर्ताओं से छुड़ाया गया।

 सिवान का विकलांग युवक परमेश्वर पंडित 4 साल बाद महाकुंभ में
Siwan youth- फोटो : news4nation

Siwan youth: सिवान जिले के हुसैनगंज से 4 साल पहले अपहृत हुए 25 वर्षीय विकलांग युवक परमेश्वर पंडित को महाकुंभ में भीख मांगते हुए पाया गया। परमेश्वर, जो दोनों पैरों से विकलांग और गूंगे हैं, 4 साल 4 महीने बाद प्रयागराज के महाकुंभ में गांव के युवाओं द्वारा पहचाने गए। यह घटना उनके परिवार और गांव के लोगों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।

अपहरण और यातना

नवंबर 2020 में छठ पर्व के दौरान, परमेश्वर पंडित का अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने उन्हें मारपीट कर घायल किया और उन्हें भीख मंगवाने का काम करवाया। इस दर्दनाक घटना के बाद, परिवार ने उन्हें ढूंढने की हर कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

कैसे हुई वापसी?

महाकुंभ में स्नान करने गए गांव के कुछ युवाओं ने परमेश्वर को व्हीलचेयर पर भीख मांगते देखा और पहचान लिया। उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। अपहरणकर्ता ने परमेश्वर को अपना भाई बताने की कोशिश की, लेकिन परिवार द्वारा आधार कार्ड और अन्य जानकारी देने के बाद पुलिस ने सत्यापन किया और परमेश्वर को छुड़ा लिया।

मां की आंखों का सपना पूरा हुआ

परमेश्वर की मां रेखा देवी ने बताया कि वह कोरोना काल से ही अपने पुत्र की तलाश कर रही थीं। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2024 में, उन्हें यह मानकर कि उनका बेटा अब जीवित नहीं है, उनका श्राद्ध भी कर दिया था। लेकिन बेटे की वापसी से वह भावुक हो गईं और कहा, "मैं थक गई थी, पर अब मेरा बेटा मेरे साथ है।"

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परिवार की विपत्तियां

परमेश्वर के पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी, और 2024 में उनके बड़े भाई की भी एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। ऐसे में परिवार की स्थिति बहुत दयनीय हो गई थी। माँ मजदूरी करके परिवार चलाती थीं, और बेटे की वापसी उनके लिए एक नई उम्मीद बनकर आई है।

चमत्कार या संयोग?

गांव वालों का मानना है कि यह घटना भगवान की कृपा का परिणाम है। परमेश्वर का इस प्रकार सही-सलामत लौट आना "जिसको रखे साईयां..." वाली कहावत को सच करता है। हालांकि, अपहरणकर्ता घटना के बाद से फरार है, लेकिन परिवार के लिए यह राहत का क्षण है कि उनका बेटा अब उनके पास सुरक्षित है।

महाकुंभ में सुरक्षित वापसी

परमेश्वर पंडित की 4 साल बाद महाकुंभ में सुरक्षित वापसी ने उनके परिवार और गांव वालों के लिए एक नई आशा जगा दी है। अपहरण के बाद उनके साथ जो अत्याचार हुआ, उससे निकलकर वापस अपने परिवार में शामिल होना किसी चमत्कार से कम नहीं है। हालांकि, अपहरणकर्ता अब भी फरार है, लेकिन परिवार के लिए यह राहत की बात है कि परमेश्वर अब उनके पास सुरक्षित हैं।

सिवान से ताबिश इरशाद की रिपोर्ट