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Bihar News : आनंद मोहन ने प्रशांत किशोर की सुप्रीम कोर्ट याचिका को बताया 'लोकतंत्र का अपमान', कहा 10 हजार में बिकने वाली नहीं है बिहार की जनता

Bihar News : आनंद मोहन ने प्रशांत किशोर की सुप्रीम कोर्ट याच

SHEOHAR : पूर्व सांसद आनंद मोहन ने गुरुवार को अपने दो दिवसीय शिवहर दौरे के दौरान जन सुराज अभियान और उसके सूत्रधार प्रशांत किशोर पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में बिहार चुनाव को लेकर दायर याचिका और चुनावी प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “बिहार में चुनाव 10-10 हजार रुपये बाँटकर जीते गए—यह कहना जनता और लोकतंत्र दोनों का अपमान है।”

चुनावी वादें नई बात नहीं

आनंद मोहन ने कहा कि चुनावों के दौरान वादे करना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि “क्या इससे पहले सरकारों और राजनीतिक दलों ने घोषणा-पत्र में वादे नहीं किए? महागठबंधन ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात कही थी, किसी ने 30 हजार रुपये देने का वादा किया था—तो इसमें नया क्या है?”उन्होंने कहा कि अंतर सिर्फ इतना है कि कुछ लोग वादों को लेकर शोर ज्यादा मचाते हैं, जबकि सरकारें पहले भी करती रही हैं और आगे भी करेंगी।

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पदयात्रा पर भी साधा निशाना

जन सुराज की पदयात्रा को लेकर पूर्व सांसद ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि इतिहास में वास्तविक पदयात्राएँ केवल कुछ ही लोगों ने की हैं। उन्होंने कहा—“देश को जानने के लिए महात्मा गांधी ने यात्रा की, भूदान आंदोलन के लिए विनोबा भावे ने पदयात्रा की और देश की हालत समझने के लिए चंद्रशेखर ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक यात्रा की। इनके अलावा आज जो भी यात्राएँ हो रही हैं, वे पद के लिए की जा रही पदयात्राएँ हैं, न कि जनता के लिए।”उन्होंने जन सुराज को बेरोजगार राजनीति का प्रतीक बताते हुए कहा कि “जो लोग सत्ता से बाहर हैं, वे पद पाने के लिए यात्रा कर रहे हैं। यह कोई नई क्रांति नहीं है।”

‘बिहार कोई प्रयोगशाला नहीं’

आनंद मोहन ने कहा कि बिहार कोई ऐसा राज्य नहीं है जहाँ बाहर से आकर कोई नया केजरीवाल बनने का सपना पूरा कर ले। उन्होंने कहा—“हम लोग 1974 के जेपी आंदोलन से निकले हैं। हमारी आधी उम्र जेलों में बीती है। बिहार की राजनीति को समझना आसान नहीं है। यहाँ राजनीति दूध के दाँत नहीं तोड़ती।”

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नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना

पूर्व सांसद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सरकार की योजनाएँ सीधे जनता से जुड़ी हैं और लोगों ने उन्हें स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि “नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। विकास हो रहा है, योजनाएँ ज़मीन पर दिख रही हैं।” अंत में उन्होंने कहा कि राजनीति में चर्चा, यात्रा और गतिविधियाँ चलती रहनी चाहिए, “कुछ न कुछ तो होना चाहिए—लेकिन सिर्फ़ बयानबाज़ी और लम्बी बातें करने से बदलाव नहीं आता।”

शिवहर से मनोज कुमार