LATEST NEWS

  • Tej Pratap Yadav Death Threat
  • तेजप्रताप यादव को दोपहर 3:11 बजे आया खौफनाक कॉल! वीडियो वायरल करने की धमकी से मचा हड़कंप, सरकार

  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल करने की दी धमकी
  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल

  • Fatuha Patna Liquor Raid
  • कानपुर से पटना पहुंची सवा करोड़ की शराब! खाद की बोरियों के नीचे छिपाकर लाई गई,उत्पाद विभाग का

  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने से जेल में था बंद
  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने

  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप किया बरामद, चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप

Bihar News: मंडल कारा में बंद कैदी की इलाज के अभाव में हुई मौत, परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाया गंभीर आरोप

Bihar News: सहरसा मंडल कारा में इलाज के अभाव में कैदी की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों मे कोहराम मच गया। परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है।

जेल में बंद कैदी की मौत
prisoner lodged in jail died- फोटो : reporter

Bihar News: बिहार के सहरसा मंडल कारा में बंद विचाराधीन कैदी छुटकन मिस्त्री (पुत्र सुकन मिस्त्री) निवासी शाहपुर वार्ड नंबर 8  की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनके इलाज की उचित व्यवस्था नहीं की गई।

इलाज में देरी बनी मौत की वजह?

छुटकन मिस्त्री जमीनी विवाद के मामले में लंबे समय से जेल में बंद था। अचानक उसकी तबियत बिगड़ने पर पहले जेल अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां से सदर अस्पताल लाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उसे मधेपुरा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन प्रारंभिक इलाज के बाद कैदी को फिर जेल भेज दिया गया।

Diarch GO

अचानक बिगड़ी तबीयत

बताया जा रहा है कि, 7 मार्च को उसकी तबीयत फिर से बिगड़ी और अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन और न्यायालय से बार-बार बेहतर इलाज के लिए गुहार लगाई गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

क्या होगी कार्रवाई?

इस घटना के बाद जेल प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठ रहे हैं। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और मामले की उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता जताई जा रही है।

NSIT
Nsmch

सहरसा  से दिवाकर की रिपोर्ट