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Bihar Mid Day Meal: मिड-डे मील में मिल रहा बीमारी का निवाला! सहरसा के स्कूल में बच्चों ने किया भोजन का बहिष्कार

Bihar Mid Day Meal: बिहार में एक बार फिर मध्याह्न भोजन योजना पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Bihar Mid Day Meal: मिड-डे मील में मिल रहा बीमारी का निवाला!
बीमारी का निवाला - फोटो : SOCIAL MEDIA

Bihar Mid Day Meal: बिहार में एक बार फिर मध्याह्न भोजन योजना पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला सहरसा के नौहट्टा प्रखंड के मध्य विद्यालय जोड़ी का है, जहां बच्चों ने एनजीओ द्वारा परोसे जा रहे खाने के खिलाफ बगावत कर दी है। नतीजा स्कूल में भेजा गया खाना अब थालियों में नहीं, कूड़ेदान में नजर आ रहा है।

बच्चों का साफ इल्ज़ाम है कि उन्हें मेन्यू के मुताबिक भोजन नहीं मिलता और जो खाना मिलता है, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब होती है। कई छात्रों का कहना है कि भोजन करने के बाद वे बीमार पड़ गए, जिसके बाद उन्होंने सामूहिक रूप से खाना लेने से इनकार कर दिया। स्थानीय लोगों का दावा है कि नौहट्टा प्रखंड के कई स्कूलों में यही हालात हैं। बच्चे स्कूल का भोजन छोड़कर घर लौट जाते हैं। जब वजह पूछी जाती है तो जवाब मिलता है“खाना खराब है, पेट दर्द होता है।”

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मध्य विद्यालय जोड़ी में तो हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि रोजाना एनजीओ द्वारा भेजा गया भोजन फेंकना पड़ रहा है। बच्चों और अभिभावकों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित एनजीओ लगातार आपूर्ति कर रहा है। यह पहला मौका नहीं है जब मिड-डे मील की गुणवत्ता पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी शिकायतें सामने आई थीं, मगर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ जांच की बातें होती रहीं। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी चुप क्यों हैं? क्या बच्चों की सेहत से खिलवाड़ पर भी कोई ठोस कदम नहीं उठेगा?

मध्याह्न भोजन योजना का मकसद बच्चों को पौष्टिक आहार देकर शिक्षा से जोड़ना है, लेकिन अगर यही योजना बीमारी का सबब बन जाए तो जवाबदेही तय होना लाजिमी है। अब सबकी नजर प्रशासन पर हैक्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?

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रिपोर्ट- छोटू सरकार