LATEST NEWS

  • Bhojpur Police
  • Bhojpur Police: मादक पदार्थों की तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, चार तस्कर गिरफ्तार

  • Bihar MLC Election
  • Bihar MLC Election: बिहार MLC चुनाव की काउंटिंग पर बवाल! आरोप लगाकर कांग्रेस प्रत्याशी धरने पर बैठे,

  • Anant Singh
  • Bihar Politics: 62 मुकदमों के रिकॉर्ड वाले बाहुबली अनंत सिंह फिर जाएंगे जेल या बरकरार रहेगी जमानत?

  • President Colour Award
  • Bihar Police:बिहार पुलिस को मिलेगा देश का सर्वोच्च पुलिस सम्मान, राष्ट्रपति कलर अवार्ड से होंगे सम्मानित

  • Anant Singh MLA Status
  • Bihar Politics: अनंत सिंह की विधायकी पर लटकी तलवार! JDU की अर्जी पर अब इस दिन तय होगा

Bihar News : सहरसा में अवैध उगाही का मामला, बैजनाथपुर के पूर्व थानेदार अमर ज्योति ने कोर्ट में किया सरेंडर, भेजे गए जेल

Bihar News : सहरसा में अवैध उगाही को पूर्व थानेदार पर गाज गिरी गिरी है. जिन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया.....पढ़िए आगे

Bihar News : सहरसा में अवैध उगाही का मामला, बैजनाथपुर के पूर
पूर्व थानेदार गए जेल - फोटो : SOCIAL MEDIA

SAHARSA : मधेपुरा के एक युवक को मादक पदार्थ तस्करी के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर रुपये वसूलने के मामले में बैजनाथपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष अमर ज्योति की मुश्किलें अंततः जेल तक पहुंच गई हैं। इस मामले में नामजद आरोपी पूर्व थानाध्यक्ष ने मंगलवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने समर्पण के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया।

पूरा मामला अवैध उगाही से जुड़ा है, जिसमें अमर ज्योति पर मधेपुरा जिले के एक युवक को अवैध तरीके से हिरासत में लेने का आरोप था। आरोप के अनुसार, उन्होंने युवक को नशे की तस्करी के मामले में जेल भेजने का डर दिखाया और उसे छोड़ने के बदले 79 हजार रुपये की मांग की थी। परिजनों द्वारा मांगी गई रकम देने के बाद ही युवक को थाना से मुक्त किया गया था।

घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित परिवार ने हिम्मत दिखाते हुए इस वसूली की लिखित शिकायत वरीय पुलिस अधिकारियों से की। सहरसा एसपी के निर्देश पर कराई गई विभागीय जांच में थानाध्यक्ष पर लगे आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर अमर ज्योति व अन्य के खिलाफ बैजनाथपुर थाना कांड संख्या 62/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अमर ज्योति गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय तक फरार रहे। इस दौरान उन्होंने कानून की शरण लेते हुए पहले जिला न्यायालय और फिर पटना हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। हालांकि, दोनों ही अदालतों ने मामले की गंभीरता और पद के दुरुपयोग को देखते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जिससे उनके पास आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

NSIT
Nsmch

पुलिस महकमे के लिए यह मामला काफी किरकिरी वाला रहा, क्योंकि एक जिम्मेदार पद पर रहते हुए कानून की धज्जियां उड़ाई गई थीं। सहरसा पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, अमर ज्योति के जेल जाने के बाद इस कांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है ताकि अवैध उगाही के इस खेल का पूरी तरह पर्दाफाश हो सके।

छोटू सरकार की रिपोर्ट