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Purnia cyber thug gang: पूर्णिया में साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा से भी कनेक्शन

Purnia cyber thug gang: बिहार के पूर्णिया में पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह मोबाइल चोरी कर यूपीआई अकाउंट से पैसे निकालता था। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर 84 मोबाइल फोन बरामद किए।

 Purnia cyber thug gang
पूर्णिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई!- फोटो : social media

Purnia cyber thug gang: पूर्णिया जिले के सहायक खजांची थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस को बस स्टैंड पर सात युवक संदिग्ध हालत में बैठे दिखे। उनकी घबराहट देख जब तलाशी ली गई, तो 84 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए। इसी से खुलासा हुआ कि यह एक संगठित साइबर ठग गिरोह है, जो लंबे समय से सक्रिय था।पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा से भी 23 मोबाइल फोन चुराए थे।

गिरोह का काम करने का तरीका

एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि यह गैंग भीड़भाड़ वाले इलाकों से मोबाइल फोन चोरी करता था।चोरी के बाद फोन का लॉक तोड़ दिया जाता था।फोन में मौजूद यूपीआई और डिजिटल वॉलेट अकाउंट से पैसे ट्रांसफर किए जाते थे।पैसे फर्जी खातों में भेजकर कैश निकाला जाता था।इसके बाद चोरी किए गए फोन को काले बाजार में बेच दिया जाता था।गिरोह में दो सदस्य तकनीकी विशेषज्ञ थे, जो मोबाइल का लॉक तोड़ने और डिजिटल अकाउंट हैक करने में माहिर थे।

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कितने लोग गिरफ्तार हुए और क्या-क्या बरामद हुआ?

पुलिस ने इस ऑपरेशन में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।इनमें से 6 पश्चिम बंगाल के हैं और 1 झारखंड का है।बरामद सामान में 84 मोबाइल फोन, 4 आधार कार्ड और 8 सिम कार्ड।आरोपी पिछले 3-4 महीनों से लगातार जगह बदल-बदल कर रह रहे थे ताकि पकड़ में न आएं।गिरफ्तार सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पुलिस अब इन फोन के असली मालिकों का पता लगा रही है।

क्या है पुलिस की अगली रणनीति?

पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही है।चोरी के पैसों के लेन-देन का पता लगाया जाएगा।बरामद मोबाइल के असली मालिकों को फोन वापस करने की कोशिश की जाएगी।यूपीआई सुरक्षा से जुड़ी खामियों की जानकारी भी बैंकिंग और साइबर सेल को भेजी जाएगी।

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