LATEST NEWS

  • इस आईपीएस अधिकारी को वरीय समय वेतनमान में मिली प्रोन्नति, गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा अधिसूचना जारी
  • इस आईपीएस अधिकारी को वरीय समय वेतनमान में मिली प्रोन्नति, गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा अधिसूचना जारी

  • Ranbir Kapoor watch collection
  • Ranbir Kapoor watch collection: रणबीर कपूर के पास हैं करोड़ों की घड़ियां, जानें जैकब एंड कंपनी से पाटेक

  • वैशाली में भीषण सड़क हादसा: मरीज पहुंचाकर लौट रही एम्बुलेंस और ट्रक में टक्कर, चालक समेत दो गंभीर रूप से घायल
  • वैशाली में भीषण सड़क हादसा: मरीज पहुंचाकर लौट रही एम्बुलेंस और ट्रक में टक्कर, चालक समेत दो गंभीर

  • Bihar legislative council
  • Bihar legislative council: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर मतदान के बीच तेजस्वी का हमला, बोले- वोट

  • कुंदन हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता : एक आरोपी गिरफ्तार एक विधि-विरुद्ध निरुद्ध, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद
  • कुंदन हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता : एक आरोपी गिरफ्तार एक विधि-विरुद्ध निरुद्ध, हत्या में प्रयुक्त

एआई और डिजिटल तकनीक से बिहार के विधायकों एवं विधान पार्षदों का होगा क्षमता वर्द्धन, मुख्यमंत्री सम्राट का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा कि विकास परियोजनाओं के एस्टिमेट तैयार करने में भी एआई का उपयोग किया जाना चाहिए। पथ निर्माण विभाग एक एस्टीमेट के कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जांच करने पर 5 से 7 प्रतिशत तक लागत में बचत हुई।

AI and digital technology
AI and digital technology - फोटो : news4nation

Bihar News :  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को बिहार विधान मंडल सदस्यों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से संबंधित एवं मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के कार्यान्वयन के संबंध में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में शामिल हुए। बिहार विधानसभा के विस्तार भवन में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत परियोजना निगरानी प्रणाली (Project Monitoring System) वेब पोर्टल का वीडियो के माध्यम से शुभारंभ भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है। एआई और डिजिटल तकनीक से बिहार के विधायकों एवं विधान पार्षदों की क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि 20–25 वर्ष पूर्व कंप्यूटर की उपयोगिता सीमित थी, लेकिन आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक शासन, प्रशासन तथा विकास की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। इसलिए हमारे विधायक एवं विधान पार्षद इन तकनीकों का अधिकाधिक उपयोग करें, ताकि जनता से बेहतर संवाद स्थापित हो तथा क्षेत्र का समुचित विकास सुनिश्चित किया जा सके। 

उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के एस्टिमेट तैयार करने में भी एआई का उपयोग किया जाना चाहिए। पथ निर्माण विभाग एक एस्टीमेट के कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जांच करने पर 5 से 7 प्रतिशत तक लागत में बचत हुई। उन्होंने कहा कि बचाई गई राशि का उपयोग अन्य विकास कार्यों में किया जा सकता है। एआई और डिजिटल युग यदि हमें आगे नहीं ले जाएंगे तो विकास की दौड़ में पीछे रह जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में संस्थान कार्यान्वयन संचालन तथा 1 करोड़ पात्र लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में राज्य सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर रही है। बिहार में किसानों का डिजिटली सत्यापन किया जा रहा है तथा 60 लाख किसानों को डिजिटल आईडी से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जनप्रतिनिधियों को तकनीकी आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। विद्यालयों में कंप्यूटर की शिक्षा दी जा रही है, लेकिन डिजिटल युग की आवश्यकताओं को देखते हुए इसे और सुदृढ़ किया जाना चाहिए। मुजफ्फरपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है।

NSIT
Nsmch

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंत्रियों, विधायकों एवं विधान पार्षदों के साथ-साथ उनके सहयोगियों को भी समय-समय पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कंप्यूटर एवं सोशल मीडिया के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे तकनीक के साथ निरंतर अपडेट रहें। इससे जनता की बेहतर सेवा कर सकें। उन्होंने कहा कि बिहार की सभी पंचायतों में मौसम केंद्र संचालित हो रहा है तथा भविष्य में 70 से 80 प्रतिशत तक खेती स्मार्ट सिंचाई से होगी। यह तकनीक कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है और आधुनिक तकनीक के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।