20 राज्यों में बीजेपी सरकारें, 30 साल से गुजरात में भाजपा सरकार फिर क्यों नहीं देते पुजारियों को वेतन, पीएम मोदी से पूछा सबसे बड़ा सवाल

मस्जिद के मौलाना को मासिक वेतन शुरू करने के बाद अब दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को 18000 रुपये की राशि देने की घोषणा है. भाजपा ने इसे चुनावी जुमला कहा तो अब आप ने बीजेपी से बड़ा सवाल किया है.

Pujari Granthi Samman Yojana
Pujari Granthi Samman Yojana- फोटो : Social Media

Salary for Pujari : पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को 18000 रुपये की राशि देने की घोषणा के बाद भाजपा द्वारा दिल्ली सरकार के इस फैसले को वोट बैंक की राजनीति करार दिया गया है. भाजपा की इस आपत्ति पर अब आम आदमी पार्टी ने करार प्रहार किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा से आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बड़ा सवाल किया है. साथ ही खुद को हिंदू हितों का हितैषी बताने के भाजपा के दावे पर सवालिया निशान लगाया है. 


अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को इसे लेकर भाजपा को आड़े हाथों लिया. साथ ही भाजपा द्वारा आज तक क्यों नहीं मंदिरों के पुजारियों के लिए इस प्रकार की कोई योजना शुरू की गई, इस पर सवाल दागा है. 

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केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर कहा, 'बीजेपी वाले मुझे कल से गंदी गंदी गालियाँ दे रहे हैं, जब से पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना की घोषणा हुई है। मेरा उनसे प्रश्न है - क्या मुझे गाली देने से देश का फ़ायदा होगा? आपकी 20 राज्यों में सरकारें हैं। गुजरात में तो आपकी 30 साल से सरकार है। अभी तक आपने वहाँ पुजारियों और ग्रंथियों का सम्मान क्यो नहीं किया? चलो अब ही कर दो? मैंने अब सबको रास्ता दिखा दिया है। मुझे गाली देने की बजाय आप अपने बीस राज्यों में इसे लागू करो ना, तब तो सबका फायदा होगा? मुझे गालियाँ क्यों देते हो?


दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पुजारी-ग्रंथी सम्मान योजना की घोषणा की है. इसमें हर महीने मंदिर के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को 18000 रुपये की राशि दी जाएगी. 

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अमित मालवीय ने बताया हिंदू विरोधी

भाजपा के अमित मालवीय ने पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना पर आप पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'अरविंद केजरीवाल ने 10 साल बाद मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथियों को ठगने के लिए नई योजना की घोषणा की है. लेकिन दिल्ली में कितने पुजारी और ग्रंथी हैं, इसका इन्हें पता तक नहीं. चुनाव से पहले झूठे वादों की झड़ी लगा दी गई है. वैसे, पिछले 17 महीनों से इमामों को तनख्वाह भी नहीं दी गई है, और वे लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्लीवाले जानते हैं कि हिंदू विरोधी 'आप' की यह घोषणा भी केवल हवा-हवाई है.