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रात में DJ बजाने वालों की खैर नहीं, पटना हाईकोर्ट ने इतने बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर लगाई रोक, थानों को दी सख्त चेतावनी

Patna High Court:पटना हाईकोर्ट ने बिहार में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए डीजे, लाउडस्पीकर, मैरिज हॉल और वाहनों के प्रेशर हॉर्न को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं।

Patna HC Bans Loudspeakers After 9 55 PM Orders Statewide Ac
बिहार के 1500 थानों को एक्शन का आदेश- फोटो : reporter

Patna High Court:पटना हाईकोर्ट ने बिहार में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए डीजे, लाउडस्पीकर, मैरिज हॉल और वाहनों के प्रेशर हॉर्न को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि रात 9:55 बजे के बाद डीजे, लाउडस्पीकर या मैरिज/बैंक्वेट हॉल में तेज आवाज में संगीत बजाने की इजाजत नहीं होगी। आदेश का मकसद रात में होने वाले शोर-शराबे पर लगाम लगाना और आम लोगों को शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है।

जस्टिस राजीव रॉय की एकल पीठ ने ध्वनि प्रदूषण और सड़क पर वाहनों से होने वाले शोर से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए राज्यभर के लिए सख्त दिशानिर्देश दिए। कोर्ट ने दिन के समय भी लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर रखने को कहा है।अदालत ने अस्पतालों और स्कूलों के आसपास के इलाकों को साइलेंस जोन के तौर पर लागू करने पर जोर दिया है। ऐसे क्षेत्रों में अनावश्यक हॉर्न, तेज आवाज और दूसरे प्रकार के शोर पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

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कोर्ट का संदेश साफ है कि धार्मिक आयोजन, शादी समारोह या सार्वजनिक कार्यक्रम के नाम पर ध्वनि प्रदूषण की मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी। खासकर रात में तेज आवाज में बजने वाले डीजे और लाउडस्पीकर आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं।

हाईकोर्ट ने कटिहार मॉडल को पूरे बिहार में लागू करने के लिए राज्य के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया। कटिहार के पोठिया थाना प्रभारी द्वारा प्रेशर हॉर्न के खिलाफ चलाए गए अभियान की कोर्ट ने सराहना की।बताया गया कि अभियान के दौरान महज एक सप्ताह में 1.10 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसी कार्रवाई को आधार बनाकर कोर्ट ने बिहार के करीब 1500 थानों को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) के तहत प्रेशर हॉर्न के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया।यानी अब सड़कों पर तेज और प्रतिबंधित हॉर्न बजाने वालों पर पुलिस की कार्रवाई सिर्फ अभियान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे निरंतर प्रक्रिया के तौर पर चलाने की अपेक्षा की गई है।

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सुनवाई के दौरान पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में हॉस्पिटो इंडिया रोड पर देर रात बाइकर्स द्वारा कथित उपद्रव, ओवरस्पीडिंग और बांस घाट के आसपास तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने का मुद्दा भी उठा।बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिवक्ता शिवेंद्र किशोर ने थाना प्रभारी के हलफनामे पर सवाल उठाते हुए अदालत को बताया कि इलाके में देर रात तक लाउडस्पीकर बजने और बाइकर्स के कथित उपद्रव के कारण स्थानीय लोगों का रात में सोना मुश्किल हो रहा है।इस पर न्यायमूर्ति राजीव रॉय ने कड़ा रुख अपनाया और चेतावनी दी कि अगर भविष्य में कोई फोटो या वीडियो थाना प्रभारी के दावे को गलत साबित करता है तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

मामले में कोर्ट की सहायता कर रहे एमिकस क्यूरी एवं वरीय अधिवक्ता अजय ने कहा कि राज्यभर में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई संतोषजनक है, लेकिन अभियान को लगातार जारी रखना जरूरी है। उन्होंने राज्य सरकार से सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश जारी करने का सुझाव दिया।

सरकारी वकील प्रशांत प्रताप ने अदालत को भरोसा दिलाया कि आदेश की प्रति राज्य के प्रमुख अधिकारियों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों तक तत्काल पहुंचाई जाएगी, ताकि निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके।इस पूरे मामले में हाईकोर्ट का रुख बेहद स्पष्ट है शादी हो, जश्न हो या सड़क पर वाहन; रात की नींद और सार्वजनिक शांति की कीमत पर शोर की इजाजत नहीं दी जाएगी। अब असली परीक्षा पुलिस और प्रशासन की है कि अदालत के आदेश का पालन कागज पर होता है या जमीन पर भी इसका असर दिखाई देता है।