LATEST NEWS

  • Bihar News : शेखपुरा में लिफ्ट देने के बहाने बदमाश ने नाबालिग छात्रा से कार में किया दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को लखीसराय से किया गिरफ्तार
  • Bihar News : शेखपुरा में लिफ्ट देने के बहाने बदमाश ने नाबालिग छात्रा से कार में किया दुष्कर्म,

  • Bihar Road Accident : बांका में ओवरलोड ट्रैक्टर ने शिक्षिका को रौंदा, इलाज के दौरान हुई मौत, परिजनों में मचा कोहराम
  • Bihar Road Accident : बांका में ओवरलोड ट्रैक्टर ने शिक्षिका को रौंदा, इलाज के दौरान हुई मौत, परिजनों

  • Bihar News : शिवहर में मध्याह्न भोजन योजना के अनुग्रह अनुदान में 6 माह की देरी, जांच में दोषी पाए गए तत्कालीन डीपीओ
  • Bihar News : शिवहर में मध्याह्न भोजन योजना के अनुग्रह अनुदान में 6 माह की देरी, जांच में

  • Bihar News : पटना में सास की हत्या मामले में पुलिस ने दामाद को किया गिरफ्तार, जिन्दा कारतूस और चाकू किया बरामद
  • Bihar News : पटना में सास की हत्या मामले में पुलिस ने दामाद को किया गिरफ्तार, जिन्दा कारतूस

  • Bihar News : आरा जिला घर बा...कवना बात के डर बा, प्लेटफॉर्म पर बेधड़क दौड़ाई जा रही बाइक, मूकदर्शक बना रेल प्रशासन
  • Bihar News : आरा जिला घर बा...कवना बात के डर बा, प्लेटफॉर्म पर बेधड़क दौड़ाई जा रही बाइक,

भरत तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में न्याय में देरी पर परिजनों मे आक्रोश, गठित किया 'भरत तिवारी संघर्ष वाहिनी'

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में इंसाफ मिलने में हो रहे विलंब से आहत परिजनों ने अब भरत तिवारी संघर्ष वाहिनी बनाया है। जिसके माध्यम से वे भरत तिवारी और उनके जैसे पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे.....

भरत तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में न्याय में देरी पर प
भरत तिवारी के परिजनों ने बनाया सामाजिक संगठन- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में इंसाफ मिलने में हो रहे विलंब को लेकर परिजनों और समर्थकों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। न्याय प्रक्रिया में आ रही अड़चनों और प्रशासनिक ढिलाई से क्षुब्ध होकर पीड़ित परिवार ने 'भरत तिवारी संघर्ष वाहिनी' नामक नए सामाजिक-न्यायिक संगठन का गठन किया है। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य भरत तिवारी के दोषियों को सजा दिलाना और देश भर में प्रताड़ित तथा पीड़ित परिवारों को कानूनी व सामाजिक सहयोग प्रदान करना है। राजधानी पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस नए संगठन के गठन की औपचारिक घोषणा की गई।

मां आशा देवी का छलका दर्द, सीएम के आश्वासन पर उठाए सवाल

मीडिया को संबोधित करते हुए भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भावुक मन से कहा कि उन्हें आज भी न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, लेकिन पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई की गति निराशाजनक है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और गृह विभाग के अधिकारियों से मुलाकात के दौरान उन्हें निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई का ठोस आश्वासन मिला था। हालांकि, आश्वासन के महीनों बीत जाने के बाद भी मामले में शामिल सभी नामजद दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसी मजबूरी में उन्हें 'भरत तिवारी संघर्ष वाहिनी' का गठन करना पड़ा है, जिसकी कमान उन्होंने अजीत सिंह को सौंपी है।

"जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे अधिकारी"—प्रशासन पर गंभीर आरोप

NSIT
Nsmch

मां आशा देवी ने जांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी केवल जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर सिर्फ पूछताछ और बयानों का दौर चलता है, लेकिन अब तक कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है और न ही मुख्य आरोपियों पर शिकंजा कसा गया है। उन्होंने ऐलान किया कि वे एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामले की पारदर्शी जांच और त्वरित कार्रवाई के लिए न्याय की गुहार लगाएंगी।

देश भर में पीड़ितों की आवाज बनेगा संगठन: अध्यक्ष अजीत सिंह

संगठन के नवनियुक्त अध्यक्ष अजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि न्याय मिलने में अत्यधिक विलंब होना अपने आप में घोर अन्याय के समान है। उन्होंने कहा कि वे पहले दिन से ही पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। अजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि 'भरत तिवारी संघर्ष वाहिनी' केवल भरत तिवारी के केस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश भर में जहां भी किसी असहाय परिवार पर अत्याचार या पुलिसिया बर्बरता होगी, वहां यह संगठन कानूनी मदद और जमीनी संघर्ष के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़ा मिलेगा।

भोजपुर एनकाउंटर केस में निष्पक्ष न्याय की मांग तेज

उल्लेखनीय है कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हुई इस एनकाउंटर घटना को लेकर पुलिस की थ्योरी पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। परिजनों का साफ आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया फर्जी एनकाउंटर (न्यायेतर हत्या) था। अब नए संगठन के गठन के बाद माना जा रहा है कि पीड़ित परिवार इस लड़ाई को केवल अदालती कमरों तक सीमित न रखकर जन-आंदोलन के रूप में सड़कों पर भी उतारेगा।

नरोत्तम की रिपोर्ट