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अरवल सिविल सर्जन पर हमले के विरोध में डॉक्टरों ने काला बिल्ला लगाकर जताया रोष, पूरे बिहार में ओपीडी सेवा करेंगे बंद

डॉक्टरों का कहना है कि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित होने पर ही मरीजों को बेहतर इलाज मिल पाएगा। सिविल सर्जन के साथ हुई मारपीट की घटना को 'अनुचित' बताया और कहा कि इस तरह की घटनाएं उनके जिले में भी अन्य लोगों के साथ हुई हैं

Doctors in Nawada wear black badges
Doctors in Nawada wear black badges- फोटो : news4nation

Bihar News :  नवादा में डॉक्टरों ने अरवल सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर प्रसाद पर हुए हमले के विरोध में प्रदर्शन किया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन  के आह्वान पर नवादा के सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव शंभू कुमार ने बताया कि अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर प्रसाद के साथ मारपीट की घटना हुई थी। उन्होंने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। इस मामले में स्थानीय पूर्व विधायक महानंद सिंह सहित अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

इस घटना के विरोध में पूरे देश में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। डॉक्टरों ने शांतिपूर्ण तरीके से काला बिल्ला लगाकर मरीजों की सेवा करते हुए अपनी मांगें रखी हैं। उनकी मुख्य मांगों में दोषियों पर तत्काल कार्रवाई, डॉक्टरों को सुरक्षा प्रदान करना और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए एक विशेष टीम का गठन शामिल है।

डॉक्टरों का कहना है कि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित होने पर ही मरीजों को बेहतर इलाज मिल पाएगा। उन्होंने सिविल सर्जन के साथ हुई मारपीट की घटना को 'अनुचित' बताया और कहा कि इस तरह की घटनाएं उनके जिले में भी अन्य लोगों के साथ हुई हैं, जिसका वे घोर विरोध करते हैं।

IMA ने चेतावनी दी है कि यदि 21 जुलाई, 2026 तक दोषियों पर कार्रवाई और गिरफ्तारी नहीं होती है, तो 22 जुलाई, 2026 से पूरी तरह ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि 21 जुलाई तक कार्रवाई नहीं होती है, तो पूरे बिहार में अस्पताल सेवाओं को ठप कर दिया जाएगा।

अमन की रिपोर्ट

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