LATEST NEWS

  • Anant Singh MLA Status
  • Bihar Politics: अनंत सिंह की विधायकी पर लटकी तलवार! JDU की अर्जी पर अब इस दिन तय होगा

  • Bihar TRE-4
  • BPSC TRE-4 ने तोड़े भर्ती के सारे रिकॉर्ड, आवेदन के आंकड़े पढ़ कर चौक जाएंगे आप

  • Bihar Food Safety
  • Bihar Food Safety : बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ कितने शुद्ध? ऐसे करें मिलावट की पहचान, जानें

  • Bihar Mobile Users
  • Bihar Mobile Users:आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं? घर बैठे ऐसे करें चेक, फर्जी नंबर

  • Bihar E Cabinet
  • Bihar Cabinet Meeting: मंत्रियों के हाथ में होगी डिजिटल फाइल,बिहार में अब ऐसे होगी कैबिनेट की बैठक

Bihar News: निवास प्रमाण पत्र में कार की तस्वीर! RTPS पोर्टल पर फिर खुली फर्जीवाड़े की पोल, थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

Bihar News:एक लड़की के नाम से निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया गया था। अंचल कार्यालय के कर्मचारियों ने इस आवेदन की जांच शुरू की, तो फॉर्म में जहां आवेदक की जगह एक कार की फोटो लगी हुई थी।

Bihar News: निवास प्रमाण पत्र में कार की तस्वीर! RTPS पोर्टल

NALANDA : बिहार में डिजिटल इंडिया की मुहिम और ई-गवर्नेंस की धज्जियां एक बार फिर उड़ती नजर आईं जब नालंदा जिले के चंडी प्रखंड से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां निवास प्रमाण पत्र के लिए किए गए एक ऑनलाइन आवेदन में आवेदक की फोटो की जगह एक कार की तस्वीर अपलोड कर दी गई। यह न केवल प्रशासनिक तंत्र की विफलता का प्रतीक है, बल्कि RTPS पोर्टल पर जारी लापरवाही और कमजोर निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सूत्रों के अनुसार, 17 जुलाई को आवेदन संख्या BRCCO/2025/16281179 के तहत एक लड़की के नाम से निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया गया था। आवेदिका का पता चंडी प्रखंड के कोरुत गांव, वार्ड संख्या 14, पोस्ट गुंजरचक बताया गया है। जब अंचल कार्यालय के कर्मचारियों ने इस आवेदन की जांच शुरू की, तो वे स्तब्ध रह गए—फॉर्म में जहां आवेदक की तस्वीर होनी चाहिए, वहां एक कार की फोटो लगी हुई थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए अंचलाधिकारी ने इसे उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया और चंडी थाना में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने पुष्टि की कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और साइबर सेल को इसकी जांच सौंपी गई है। यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी RTPS पोर्टल से कुत्ते (डॉग बाबू) के नाम पर निवास प्रमाण पत्र जारी होने की घटना ने राज्य प्रशासन को शर्मसार किया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पोर्टल की सत्यापन प्रणाली या तो सिर्फ कागज़ों तक सीमित है या उसमें लिप्त कर्मचारी अपनी ज़िम्मेदारी से भाग रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम ने हलचल मचा दी है। विपक्ष ने इसे सरकार की तकनीकी व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी की असफलता करार दिया है। सवाल यह है कि जब डिजिटल सिस्टम में ही इतने छेद हैं, तो आम जनता कैसे भरोसा करे?

NSIT
Nsmch

रिपोर्ट- राज पाण्डेय