Bihar News:नीतीश कुमार के गृह जिला में 50 लाख से बना पार्क बदहाल, CM ने किया था उद्घाटन, लापरवाही ने खोली वास्तविकता
लगभग 50 लाख रुपये की लागत से बनाए गए सामाजिक उत्थान पार्क की हालत एक साल से भी कम समय में दयनीय हो गई है।

Bihar News: नालंदा जिले के सिलाव प्रखंड के नानंद गांव में मनरेगा योजना के तहत लगभग 50 लाख रुपये की लागत से बनाए गए सामाजिक उत्थान पार्क की हालत एक साल से भी कम समय में दयनीय हो गई है। यह पार्क 21 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा प्रगति यात्रा के दौरान उद्घाटित किया गया था। तब इसे ग्रामीणों के लिए टहलने, बैठने और सामाजिक गतिविधियों के लिए आदर्श स्थल के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
लेकिन आज पार्क का दृश्य निराशाजनक है। परिसर में घने जंगल और झाड़ियां उग आई हैं, और पेवर ब्लॉक्स पर भी घास और झाड़ियां जम चुकी हैं। इसका असर यह हुआ है कि ग्रामीण पार्क जाने से डर रहे हैं, क्योंकि वहां विषैले जीव-जंतु और असुरक्षा का डर बढ़ गया है।
नानंद पंचायत के मुखिया अरुण कुमार सिन्हा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्क के रखरखाव के लिए दो माली की मांग की गई थी, लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया। रखरखाव की कोई व्यवस्था न होने से पार्क की हालत तेजी से बिगड़ती गई।
इसके अलावा, पार्क के साथ बने तालाब का निर्माण भी अधूरा है, और अब तक इस कार्य की पूरी राशि का भुगतान नहीं हुआ, जिससे परियोजना का लाभ और सुरक्षा दोनों प्रभावित हुए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह आदर्श पंचायत जदयू सांसद कौशलेन्द्र कुमार द्वारा गोद लिया गया गांव है। इसके बावजूद जमीनी हकीकत योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में भारी लापरवाही को उजागर करती है।
एक साल के अंदर ही यह आदर्श पार्क पूरी तरह से उदासीनता और अव्यवस्था का प्रतीक बन गया है, जो न केवल ग्रामीणों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभाव और जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा करता है।
रिपोर्ट- राज पाण्डेय















