LATEST NEWS

  • Patna Ravan Dahan
  • Patna Ravan Dahan:पटना में रावण दहन से पहले हाई अलर्ट, गांधी मैदान में हो रही सघन जांच

  • Bihar News: कन्या पूजन के दिन झाड़ियों में फेंकी गई नवजात कन्या,थानेदार ने दिखाई इंसानियत, गोद में उठाकर पहुंचाया अस्पताल
  • Bihar News: कन्या पूजन के दिन झाड़ियों में फेंकी गई नवजात कन्या,थानेदार ने दिखाई इंसानियत, गोद में उठाकर

  • Bihar News: बक्सर में मां दुर्गा के दिव्य रूपों की जीवंत झांकी, ज्ञान गंगा के संदेश ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
  • Bihar News: बक्सर में मां दुर्गा के दिव्य रूपों की जीवंत झांकी, ज्ञान गंगा के संदेश ने मोहा

  • Bihar Education Minister Mithilesh Tiwari
  • Bihar News: महानवमी पर मां विंध्यवासिनी के दरबार पहुंचे शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, बिहार की खुशहाली के लिए

  • Sanjay Singh
  • Bihar News:महुआ में हर घर पहुंचेगा गंगाजल, मंत्री संजय सिंह का बड़ा ऐलान, 750 करोड़ की योजना से

Bihar News : मुजफ्फरपुर जिला स्कूल में अचानक पहुंचे DM कुमार गौरव, बच्चों से पूछे सवाल, कॉपियां जांचीं और शिक्षकों से ली पढ़ाई की जानकारी

Bihar News : मुजफ्फरपुर डीएम कुमार गौरव अचानक जिला स्कूल पहुँच गए. जहाँ उन्होंने बच्चों के कई सवाल पूछे और शिक्षकों से पढाई की जानकारी ली.......पढ़िए आगे

Bihar News : मुजफ्फरपुर जिला स्कूल में अचानक पहुंचे DM कुमार
डीएम पहुंचे स्कूल - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : जिलाधिकारी कुमार गौरव बुधवार को जिला स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे। बता दें की जिला स्कूल को अब मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है और इसे डीएम ने गोद भी लिया है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अलग-अलग कक्षाओं में जाकर पढ़ाई की स्थिति देखी और बच्चों से बातचीत कर उनके लर्निंग लेवल को समझने की कोशिश की। उन्होंने छात्रों की कॉपियां भी जांचीं और शिक्षकों से पढ़ाई से जुड़ी जानकारी ली। डीएम ने कहा कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लर्निंग आउटकम को बेहतर करना, शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद करना और उनकी समस्याओं व जरूरतों को समझना है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को पढ़ाई में अतिरिक्त मदद की जरूरत है, उन्हें चिन्हित कर एक्स्ट्रा क्लास और हैंड होल्डिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मैथ्स, फिजिक्स और साइंस की कक्षाओं में पहुंचे

निरीक्षण के दौरान डीएम गणित, फिजिक्स और साइंस समेत विभिन्न कक्षाओं में गए। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई से संबंधित सवाल पूछे। गणित की कक्षा में क्षेत्रमिति के तहत बेलन से जुड़े सवाल और उसके सूत्र के बारे में छात्रों से पूछा गया। बच्चों ने सवालों के जवाब दिए। डीएम ने छात्रों से उनकी पढ़ाई, तैयारी और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बातचीत की। खासकर दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों से बोर्ड परीक्षा को लेकर चर्चा की और उन्हें बेहतर तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया।

बच्चों की कॉपियां देखीं, शिक्षकों से भी बातचीत

डीएम ने कक्षाओं में जाकर यह भी देखा कि बच्चों को किस तरह पढ़ाया जा रहा है और उनकी कॉपियों में कितना काम कराया गया है। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों से पढ़ाई के स्तर और विद्यार्थियों की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां भी सामने आईं। इस पर डीएम ने संबंधित शिक्षक को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल में केवल कक्षाएं संचालित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों के सीखने का स्तर भी लगातार बेहतर होना चाहिए।

डीएम से बातचीत पर छात्र बोले- पहले थोड़ा घबराए, फिर सामान्य हो गए

निरीक्षण के दौरान डीएम को अपने बीच देखकर कुछ छात्र शुरुआत में घबरा गए। एक छात्र ने बताया कि पहले थोड़ी घबराहट हुई थी, लेकिन डीएम ने शांत रहने को कहा और बताया कि वे सिर्फ स्कूल की पढ़ाई देखने आए हैं। उन्होंने बताया कि डीएम ने बच्चों से भी कुछ सवाल पूछे और काफी देर तक कक्षा में रहे। कॉपियां भी जांचीं। कक्षा 10 के छात्र ने बताया कि डीएम ने गणित में बेलन से संबंधित क्षेत्रमिति का सवाल पूछा था। उसने सवाल का हल और सूत्र बताने की कोशिश की। छात्र ने कहा कि वह आगे बढ़कर स्कूल और अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहता है। वहीं कक्षा 9 के छात्र सुमन कुमार ने बताया कि उस समय फिजिक्स की पढ़ाई चल रही थी। डीएम के आने से छात्रों को पढ़ाई को लेकर और सजग रहने का संदेश मिला।

NSIT
Nsmch

17 स्कूलों में गुणवत्ता बढ़ाने का लक्ष्य

डीएम कुमार गौरव ने कहा कि जिला स्कूल को उन्होंने गोद लिया है। इसी तरह जिले के अन्य 16 मॉडल स्कूलों को भी वरीय पदाधिकारियों ने गोद लिया है। इन सभी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और बच्चों के परिणाम में सुधार लाने पर फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लर्निंग आउटकम का आकलन करने के दौरान यह महसूस हुआ कि कुछ विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षाओं और व्यक्तिगत सहयोग की जरूरत है। ऐसे बच्चों को चिन्हित कर एक्स्ट्रा क्लास की सुविधा दी जाएगी। साथ ही उनके अभिभावकों से भी संवाद किया जाएगा, ताकि बच्चे पढ़ाई के लिए ज्यादा समय दे सकें।डीएम ने कहा कि बोर्ड परीक्षा नजदीक है। ऐसे में दसवीं के विद्यार्थियों के परिणाम में सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। स्कूल और विद्यार्थियों की ओर से रखी गई जरूरतों को भी जल्द पूरा करने की दिशा में काम किया जाएगा।

मणिभूषण की रिपोर्ट