LATEST NEWS

  • पटना के जमाल रोड स्थित प्लास्टिक फूल के गोदाम में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों ने 20 मिनट में पाया काबू
  • पटना के जमाल रोड स्थित प्लास्टिक फूल के गोदाम में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों

  • Bihar News : गया पुलिस ने 9 शराब कारोबारियों को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में देसी-विदेशी शराब और 4 बाइक किया जब्त
  • Bihar News : गया पुलिस ने 9 शराब कारोबारियों को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में देसी-विदेशी शराब और

  • Bihar News : कटिहार में मरीजों की जगह एंबुलेंस में ढोई जा रही थी शराब, कटिहार पुलिस ने शराब की बड़ी खेप के साथ चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : कटिहार में मरीजों की जगह एंबुलेंस में ढोई जा रही थी शराब, कटिहार पुलिस ने

  • बगहा के दोन में SSB का मानवीय चेहरा: गंभीर रुप से बीमार महिला को 4x4 एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल
  • बगहा के दोन में SSB का मानवीय चेहरा: गंभीर रुप से बीमार महिला को 4x4 एंबुलेंस से पहुंचाया

  • Kanti MLA Ajit Kumar NTPC Meeting
  • Kanti MLA Ajit Kumar NTPC Meeting: स्थानीय युवाओं को रोजगार, सफाई और CSR विकास कार्यों पर बनी सहमति

Bihar News : बिहार में कोर्ट ने डीएसपी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जारी किया गिरफ़्तारी वारंट, जानिए क्या है पूरा मामला

Bihar News : बिहार में डीएसपी समेत 12 पुलिसकर्मियों की खिलाफ कोर्ट ने अरेस्ट वारंट जारी किया है. जिसके बाद पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया है......पढ़िए आगे

Bihar News : बिहार में कोर्ट ने डीएसपी समेत 12 पुलिसकर्मियों
पुलिसकर्मियों के खिलाफ गिरफ़्तारी वारंट - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : बार-बार बुलावे के बावजूद अदालत में अनुपस्थित रहने पर मुजफ्फरपुर की विशेष एनडीपीएस (NDPS) कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। विशेष न्यायाधीश नरेंद्र पाल सिंह ने एक डीएसपी (DSP) और तत्कालीन थानेदार समेत कुल 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट (NBW) जारी किया है। कोर्ट ने बेहद सख्त लहजे में आदेश दिया है कि इन सभी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर 9 मार्च तक न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए।

यह पूरी कार्रवाई दो अलग-अलग मादक पदार्थ बरामदगी के मामलों में गवाही दर्ज न कराने को लेकर की गई है। बताया जाता है कि कुढ़नी और सदर थाना क्षेत्र से जुड़े इन हाई-प्रोफाइल मामलों में ये पुलिसकर्मी मुख्य गवाह हैं। अदालत द्वारा इन्हें बार-बार समन भेजकर साक्ष्य देने के लिए बुलाया जा रहा था, लेकिन लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी कोई अधिकारी या जवान कोर्ट नहीं पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना माना।

Diarch GO

पहला मामला करीब चार साल पुराना है, जो कुढ़नी थाना क्षेत्र के गरहुआ चौक से जुड़ा है। उस वक्त पुलिस ने रौशन कुमार नामक आरोपी को लोडेड कट्टे और 1.920 मिलीग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट तो दाखिल कर दी, लेकिन जब ट्रायल शुरू हुआ और साक्ष्य (Evidence) की बारी आई, तो गवाह पुलिसकर्मी गायब रहने लगे। गवाहों के न आने से मामले की सुनवाई अधर में लटकी हुई है।

दूसरा मामला वर्ष 2020 का है, जो सदर थाना के खबरा भेल कॉलोनी से संबंधित है। उस समय पुलिस ने एटीएम फ्रॉड करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक किलो चरस, एटीएम क्लोनिंग मशीन और भारी मात्रा में नकदी बरामद की थी। इतने गंभीर मामले में भी पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई और वे गवाही देने के लिए न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।

NSIT
Nsmch

अदालत ने जिन अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ वारंट जारी किया है, उनमें तत्कालीन डीएसपी रक्षित विपिन नारायण शर्मा, तत्कालीन कुढ़नी थानेदार अरविंद पासवान, दारोगा विवेकानंद सिंह, एएसआई प्रकाश कुमार सहित गृहरक्षक और सिपाही शामिल हैं। वारंट जारी होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि निर्धारित तिथि तक इन पुलिसकर्मियों की पेशी सुनिश्चित हो पाती है या नहीं। 

मणिभूषण की रिपोर्ट