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Bihar News:मुजफ्फरपुर में पुरानी ईंटों के इस्तेमाल पर छिड़ा घमासान, विभाग ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्या है सच और कहां हो रहा इनका उपयोग?

निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों पर अब संबंधित विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए आधिकारिक सफाई जारी की है।...

Controversy erupts in Muzaffarpur over use of old bricks
पुरानी ईंटों के इस्तेमाल पर छिड़ा घमासान- फोटो : social Media

मुजफ्फरपुर: पिछले कुछ दिनों से मुजफ्फरपुर में तिरहुत मुख्य नहर और सड़क निर्माण कार्य में पुरानी ईंटों के इस्तेमाल को लेकर उठ रहे सवालों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों पर अब संबंधित विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए आधिकारिक सफाई जारी की है।

विभाग ने स्पष्ट किया कि मामला तिरहुत मुख्य नहर के किलोमीटर 223.11 से 240.85 तक चल रहे पुनर्स्थापन और लाइनिंग कार्य का है। कार्यपालक अभियंता के अनुसार, यहां किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं है। पूर्व में बनी ईंट की लाइनिंग को हटाकर वहां पीसीसी लाइनिंग की जा रही है, जो स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप ही है।

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सबसे अहम बात यह है कि नहर से निकली पुरानी ईंटों को कचरा समझकर नहीं फेंका जा रहा है, बल्कि उनका सल्वेज वैल्यू के तहत आकलन किया गया है। विभाग का कहना है कि इन ईंटों में से जो भी उपयोग योग्य हैं, उन्हें नहर के दोनों डॉवेल और बाएं तटबंध पर 'ईंट सोलिंग' के काम में इस्तेमाल किया जाना पहले से ही तय था। यानी, पुरानी ईंटों का पुनः उपयोग विभाग की कार्ययोजना का हिस्सा है।

मुजफ्फरपुर में सड़क निर्माण कार्य में पुरानी ईंटों के इस्तेमाल पर भी विभाग ने अपनी बात रखी है। अधिकारियों ने साफ किया कि संवेदक द्वारा इस्तेमाल की जा रही सामग्री पूरी तरह से टेंडर की शर्तों के अधीन है। अनुबंध के मुताबिक, टेंडर में लगभग 40 प्रतिशत कार्य में पुरानी ईंटों के उपयोग का प्रावधान है। विभाग का कहना है कि यह पुनर्चक्रण तकनीकी मानकों के अनुरूप है और इसमें किसी भी तरह की धांधली का सवाल ही नहीं उठता।

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विभाग ने दो टूक शब्दों में कहा है कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली हर सामग्री निर्धारित मानकों  और स्वीकृत प्रावधानों के तहत है। विभाग का मानना है कि इस तरह के कार्यों में सामग्री का पुनः उपयोग संसाधनों की बचत और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी बेहतर है। फिलहाल, विभाग ने जनता को आश्वस्त किया है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।