LATEST NEWS

  • Bihar News : गोपालगंज पुलिस ने सेक्स रैकेट का किया भंडाफोड़, एक दर्जन युवक-युवतियों को हिरासत में लिया, मैनेजर फरार
  • Bihar News : गोपालगंज पुलिस ने सेक्स रैकेट का किया भंडाफोड़, एक दर्जन युवक-युवतियों को हिरासत में लिया,

  • कोसी का कहर: मौजहा में कटाव का तांडव, अपने ही हाथों आशियाना उजाड़ने को मजबूर हुए लोग
  • कोसी का कहर: मौजहा में कटाव का तांडव, अपने ही हाथों आशियाना उजाड़ने को मजबूर हुए लोग

  • Bihar News : सिवान AK-47 फायरिंग मामला: घायल आरिफ और बुलेट राहुल गांधी से करेंगे मुलाकात, ट्रेन से दिल्ली हुए रवाना
  • Bihar News : सिवान AK-47 फायरिंग मामला: घायल आरिफ और बुलेट राहुल गांधी से करेंगे मुलाकात, ट्रेन से

  • नदियों के बढ़ते जलस्तर पर पटना प्रशासन सतर्क, डीएम ने दिए 24 घंटे तटबंध निगरानी के निर्देश
  • नदियों के बढ़ते जलस्तर पर पटना प्रशासन सतर्क, डीएम ने दिए 24 घंटे तटबंध निगरानी के निर्देश

  • Bihar News : गंडक बैराज से 1.83 लाख क्यूसेक पानी किया गया डिस्चार्ज, कई इलाकों में बाढ़ का मंडराया खतरा, सहमे लोग
  • Bihar News : गंडक बैराज से 1.83 लाख क्यूसेक पानी किया गया डिस्चार्ज, कई इलाकों में बाढ़ का

Bihar News : मुजफ्फरपुर में सिस्टम की बड़ी लापरवाही, जीवित वृद्ध महिला को कागजों में घोषित किया 'मृत', बंद हुई पेंशन

Bihar News : मुजफ्फरपुर में सरकारी विभाग का अनोखा कारनामा. जिंदा महिला को मृत बता कर सरकारी लाभ से किया वंचित तो पीड़िता ने कहा- साहब अभी तो मैं जिन्दा हूँ.....पढ़िए आगे

Bihar News : मुजफ्फरपुर में सिस्टम की बड़ी लापरवाही, जीवित व
जिन्दा महिला को घोषित किया मृत - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र से सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही का एक अजीबोगरीब और बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 75 वर्षीय जीवित वृद्ध महिला को विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की गलती के कारण कागजों में मृत घोषित कर दिया गया है। विभाग की इस गंभीर लापरवाही के बाद पीड़ित महिला को मिलने वाले तमाम सरकारी लाभों पर तुरंत रोक लगा दी गई है।

यह मामला ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के संजय सिनेमा रोड की रहने वाली वृद्ध विधवा महिला पवितर देवी से जुड़ा हुआ है। पवितर देवी को जिंदा रहते हुए कागजों पर 'मृत' दिखा दिए जाने के कारण उन्हें हर महीने मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा वृद्धा पेंशन की राशि से अचानक वंचित होना पड़ा है। बढ़ती उम्र में जीवन-यापन का एकमात्र सहारा छिन जाने के कारण वृद्ध महिला के सामने अब आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।

Diarch GO

कागजों पर खुद को दोबारा जिंदा साबित करने के लिए यह असहाय वृद्ध महिला पिछले कई महीनों से सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रही है। लगातार दौड़-भाग करने के बाद भी जब अधिकारियों ने उनकी सुध नहीं ली, तो महिला काफी परेशान और मानसिक रूप से टूट चुकी हैं। अपनी आपबीती सुनाते हुए वृद्ध महिला ने मायूसी के साथ बताया कि कार्यालयों ने उन्हें मृत मान लिया है, जिस कारण वह अब समाज में एक 'जिंदा भूत' बनकर रह गई हैं।

सरकारी व्यवस्था से पूरी तरह थक-हारकर पीड़ित महिला ने अब कानूनी रास्ता अख्तियार किया है। उन्होंने मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा के माध्यम से इस घोर लापरवाही के खिलाफ मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की हैं। मामले को लेकर मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा ने कहा कि यह पूरा प्रकरण बेहद हास्यास्पद और दुखद है, क्योंकि एक जीवित महिला को मृत बताकर उसकी वृद्धा पेंशन रोक देना सीधे तौर पर मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।

NSIT
Nsmch

इस गंभीर मामले के संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना को लिखित रूप से सूचित कर दिया गया है। याचिकाओं के माध्यम से आयोग से अनुरोध किया गया है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत उचित और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित वृद्ध महिला पवितर देवी को जल्द से जल्द न्याय और उनका हक मिल सके।

मणिभूषण की रिपोर्ट