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Munger flood: मुंगेर में बाढ़ का पानी घटा, मुश्किलें नहीं! निचले इलाकों में अब भी कई फीट पानी, राहत शिविर जाएंगे CM सम्राट

Munger flood: मुंगेर में बाढ़ का पानी तेजी से उतर रहा है, लेकिन दियारा और निचले इलाकों में अब भी कई फीट पानी जमा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिवराज सिंह चौहान राहत शिविर का जायजा लेंगे।

Munger flood

Munger flood: मुंगेर गंगा के जलस्तर में लगातार कमी आने से मुंगेर में बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है, लेकिन दियारा और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी अभी कम नहीं हुई है। कई गांवों में अब भी घरों के आसपास कई फीट पानी जमा है। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 16 सितंबर को मुंगेर पहुंचेंगे।

दोनों नेता सदर प्रखंड के शीतलपुर स्थित सीताकुंड प्लस टू उच्च विद्यालय में चल रहे राहत शिविर का जायजा लेंगे। यहां वे बाढ़ से प्रभावित और विस्थापित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। दौरे के दौरान बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान की स्थिति का भी जायजा लिए जाने की संभावना है।

दोपहर करीब दो बजे मुंगेर पहुंचेंगे दोनों नेता

जिलाधिकारी निखिल धनराज के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दोपहर करीब दो बजे मुंगेर पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। दोनों नेता हेलीकॉप्टर से सदर प्रखंड के शीतलपुर मैदान पहुंचेंगे। इसके बाद वहां से सीताकुंड प्लस टू उच्च विद्यालय में बनाए गए राहत शिविर में जाएंगे। राहत शिविर में रह रहे लोगों से बातचीत के दौरान बाढ़ के कारण उन्हें हुई परेशानियों, भोजन, रहने और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली जाएगी। बाढ़ से खेतों में हुए नुकसान को लेकर भी अधिकारियों से रिपोर्ट ली जा सकती है। कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री मुंगेर से पटना लौटेंगे, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री के भागलपुर जाने की संभावना है।

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा बढ़ाई गई

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राहत शिविर से लेकर हेलीपैड और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। एसपी सैयद इमरान मसूद के मुताबिक मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पर्याप्त संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। प्रशासन की टीम राहत शिविर में व्यवस्थाओं की भी लगातार निगरानी कर रही है, ताकि मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के दौरे के दौरान बाढ़ पीड़ितों से बातचीत में किसी तरह की परेशानी न हो।

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कई इलाकों में अब भी चार से पांच फीट पानी

गंगा का पानी तेजी से घट रहा है, लेकिन मुंगेर के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात अभी सामान्य नहीं हुए हैं। बरियारपुर के झौआबहियार और हरिणमार के अलावा सदर प्रखंड के कुतलुपुर, जाफरनगर और टीकारामपुर में अब भी बड़ी संख्या में लोग बाढ़ के पानी के बीच रह रहे हैं। कुछ बाढ़ पीड़ितों के मुताबिक पानी कम होने के बावजूद उनके गांवों में अभी चार से पांच फीट तक पानी जमा है। ऐसे में घर वापस लौटना अभी संभव नहीं है। यही वजह है कि कई परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

78 जगह सामुदायिक रसोई, 30 राहत शिविर जारी

बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिले में 78 स्थानों पर सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 30 जगहों पर स्थायी राहत शिविरों में लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए नावों का संचालन भी जारी है। पशुपालकों को राहत देने के लिए नियमित रूप से पशु चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। राहत शिविर में रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें फिलहाल दो वक्त का भोजन और पशुओं के लिए चारा मिल रहा है। पानी कम होने से उन्हें उम्मीद भी बंधी है, लेकिन घर लौटने की स्थिति अभी नहीं बनी है।

बाढ़ पीड़ितों की सबसे बड़ी मांग सुरक्षित जमीन

हर साल बाढ़ से प्रभावित होने वाले दियारा इलाके के लोगों की अब सबसे बड़ी मांग राहत से आगे बढ़कर स्थायी समाधान की है। बाढ़ पीड़ित चाहते हैं कि उन्हें ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए। लोगों का कहना है कि अगर दियारा क्षेत्र में सुरक्षित जगह पर घर बनाने के लिए जमीन मिल जाए तो हर साल बाढ़ आने पर उन्हें अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में जाने की मजबूरी नहीं होगी। ऐसे में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दौरे से बाढ़ पीड़ितों को उम्मीद है कि उनकी परेशानी सिर्फ राहत और भोजन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके लिए सुरक्षित आवास और जमीन का स्थायी समाधान भी निकाला जाएगा।

मुंगेर की इम्तियाज